डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती नागदा में संत रविदास समिति द्वारा भव्य आयोजन, कांग्रेस नेता बसंत मालपानी का प्रेरक संबोधन, बच्चों ने केक काटा।
🔷 डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती नागदा: समाज को दिशा देने वाला ऐतिहासिक आयोजन
नागदा/ आज हम उस महापुरुष की जयंती पर एकत्रित हुए हैं, जिन्होंने केवल संविधान नहीं लिखा, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा तय की — बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी।
डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती नागदा के अवसर पर ग्राम गिंदवानिया में संत रविदास समिति द्वारा एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व
डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती नागदा केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि यह सामाजिक समरसता, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का एक सशक्त माध्यम बना।
बाबा साहब का जीवन सिर्फ संघर्ष की कहानी नहीं है, यह अन्याय के खिलाफ एक क्रांति का नाम है। उन्होंने उस दौर में आवाज उठाई, जब बोलना भी अपराध माना जाता था। उन्होंने उस व्यवस्था को चुनौती दी, जो इंसान को इंसान नहीं मानती थी।
बसंत मालपानी का प्रेरणादायक संबोधन
डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती नागदा कार्यक्रम में कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने कहा कि बाबा साहब ने हमें एक ऐसा संविधान दिया, जो हर गरीब, हर मजदूर, हर किसान, हर दलित, हर पिछड़े और हर शोषित वर्ग को बराबरी का अधिकार देता है।उन्होंने कहा कि बाबा साहब केवल संविधान निर्माता नहीं थे, बल्कि वे भारत के भविष्य के निर्माता थे। उनका जीवन हर व्यक्ति को प्रेरणा देता है कि संघर्ष और शिक्षा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति समाज में परिवर्तन ला सकता है।
संत रविदास समिति की महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्यक्रम का आयोजन ग्राम गिंदवानिया की संत रविदास समिति द्वारा किया गया, जो समाज में जागरूकता फैलाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
समिति अध्यक्ष गणपत डेलवार ने बताया कि 14 अप्रैल को बाबा साहब की जन्मजयंती पर उनकी प्रतिमा पर अतिथि श्री मालपानी एवं उपस्थित जनों द्वारा माल्यार्पण किया गया।
बच्चों की भागीदारी और सांस्कृतिक झलक
कार्यक्रम में नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा केक काटा गया, जिसने पूरे आयोजन को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। बच्चों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि बाबा साहब के विचार आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच रहे हैं।
विकास की घोषणा
इस अवसर पर श्री मालपानी ने प्रतिमा के समीप सीढ़ी बनवाने की भी घोषणा की, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। यह घोषणा गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग
कार्यक्रम में रतनलाल डेलवार, बद्री लाल डेलवार, बाबूलाल डेलवार, जगन्नाथ डेलवार, जगदीश डेलवार, रमेश डेलवार, संजय डेलवार, विक्रम डेलवार, पप्पू डेलवार, रणछोड़ डेलवार, रमेश डेलवार, ईश्वरलाल डेलवार, प्रकाश डेलवार, अशोक डेलवार, जितेंद्र डेलवार, पंकज देलवर, श्यामलाल राठौर, सुरेश डेलवार, राजेश डेलवार, बंटी डाबी, संजय राठौर, अरुण डेलवार, सचिन डेलवार, निलेश डेलवार, सुनील डेलवार, आयुष डेलवार, प्रिंस डेलवार, भानु राठौर, विकास राठौड़, धर्मेंद्र डेलवार, श्रवण सोलंकी आदि मौजूद थे।
बाबा साहब के विचार आज भी क्यों प्रासंगिक हैं
डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती नागदा जैसे आयोजन हमें याद दिलाते हैं कि समानता, न्याय और शिक्षा के लिए उनका संघर्ष आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है।आज के समय में भी समाज में असमानता और भेदभाव मौजूद हैं, ऐसे में बाबा साहब के विचार हमें एक बेहतर समाज बनाने की दिशा दिखाते हैं।
