Nagda में बाबा साहेब अंबेडकर जयंती पर भव्य वाहन रैली, शहर में गूंजा “जय भीम” का जयघोष
देशभर के साथ नागदा में भी हर्षोल्लास से मनाई गई जयंती
Nagda : संविधान निर्माता, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज पूरे देश में हर्ष, उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के नागदा शहर में भी सामाजिक संगठनों और समाजजनों द्वारा बाबा साहेब की जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सुबह से ही शहर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विभिन्न समाजों के लोग हाथों में नीले झंडे, बाबा साहेब की तस्वीरें और बैनर लेकर सड़कों पर निकले। पूरे शहर में “जय भीम” और “बाबा साहेब अमर रहें” के नारे गूंजते रहे।
यह आयोजन केवल एक जयंती कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सामाजिक एकता, समानता और संविधान के मूल्यों को याद करने का एक बड़ा अवसर बन गया।
बालाजी गार्डन लाल गेट से हुई वाहन रैली की शुरुआत
भव्य वाहन रैली का शुभारंभ नागदा के बालाजी गार्डन, लाल गेट से किया गया। यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग एकत्र होना शुरू हो गए थे।
कार्यक्रम स्थल पर समाजजनों ने एक-दूसरे का स्वागत किया और बाबा साहेब अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद रैली को विधिवत रूप से रवाना किया गया।
जैसे ही रैली शुरू हुई, शहर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। वाहनों की लंबी कतार, झंडे और नारों के साथ यह रैली एक विशाल जनसैलाब में बदल गई।
शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई निकली रैली
यह भव्य वाहन रैली बालाजी गार्डन से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई आगे बढ़ी। रैली ने लाल गेट, मुख्य बाजार, बस स्टैंड और अन्य प्रमुख क्षेत्रों का भ्रमण किया।
पूरे मार्ग में स्थानीय लोगों ने जगह-जगह रैली का स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने फूल बरसाकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
वाहन रैली के दौरान वातावरण पूरी तरह सामाजिक जागरूकता और उत्साह से भरा हुआ था। युवाओं की बड़ी भागीदारी ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
बस स्टैंड स्थित बाबा साहेब प्रतिमा पर माल्यार्पण
रैली का समापन नागदा बस स्टैंड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर किया गया। यहां सभी समाजजनों और प्रतिभागियों ने एकत्र होकर बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने संविधान निर्माण में बाबा साहेब के योगदान को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
प्रतिमा स्थल पर “जय भीम” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा और यह दृश्य अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा।

सामाजिक एकता और समरसता का संदेश
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल जयंती मनाना नहीं था, बल्कि समाज में समानता, भाईचारा और एकता का संदेश देना भी था।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भारत को एक ऐसा संविधान दिया जिसने हर नागरिक को समान अधिकार प्रदान किए।
उन्होंने शिक्षा, संगठन और संघर्ष को समाज के उत्थान का मूल आधार बताया। उनके विचार आज भी समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
बड़ी संख्या में समाजजन और गणमान्य नागरिक हुए शामिल
इस भव्य आयोजन में नागदा शहर के कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक मालवीय, पूर्व जनपद सदस्य रणछोड़ गुजराती, शांतिलाल निंबोला सहित कई वरिष्ठ लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा अ.भा. बलाई महासंघ के प्रदेश महामंत्री ओमप्रकाश परमार, नागराज युवराज धर्मशाला उपाध्यक्ष रामबक्स डाबी, आर्मी कोषाध्यक्ष पुष्पेंद्र सोलंकी सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी
रैली में समाज के हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में रमेश राठौर, ईश्वरलाल राठौर, ओमप्रकाश सोलंकी, सत्यनारायण मकवाणा, राधेश्याम हारोड़, आरसी परमार, मुकेश हिंदल, मनीष बैरवा जैसे कई समाजजन शामिल रहे।
इसके साथ ही भेरूलाल सोलंकी, अंबाराम मकवाना, राहुल परमार, पप्पू चावड़ा, मुकेश सोलंकी, कान्हा गरवाल, सागरमल परमार, सिद्धू मकवाना, विनोद मकवाना, रजनीश मकवाना और विकाश मकवाना भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बाबा साहेब के विचारों को किया गया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन संघर्ष और उनके योगदान को विस्तार से याद किया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समाज में व्याप्त असमानता और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष कर एक समान भारत की नींव रखी।
उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और आत्मसम्मान का प्रतीक है। आज का दिन केवल उत्सव नहीं बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का दिन है।

युवा पीढ़ी को दी गई प्रेरणा
कार्यक्रम में युवाओं को विशेष रूप से संबोधित किया गया और उन्हें शिक्षा तथा संगठित रहने की प्रेरणा दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि बाबा साहेब के विचारों को अपनाती है तो समाज में बड़े बदलाव संभव हैं।
शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए कहा गया कि यह ही समाज को आगे ले जाने का सबसे मजबूत माध्यम है।
आभार प्रदर्शन और कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन रामबक्स डाबी आर्मी द्वारा किया गया। उन्होंने सभी समाजजनों, अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में एकता और जागरूकता को मजबूत करते हैं और आगे भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
नागदा में आयोजित यह भव्य वाहन रैली बाबा साहेब अंबेडकर के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बनी।
यह आयोजन केवल एक जयंती कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सामाजिक एकता, समानता और संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का एक सफल प्रयास था।
पूरे शहर में गूंजा “जय भीम” का नारा इस बात का प्रमाण था कि बाबा साहेब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं जितने पहले थे।
