शाजापुर में डोल ग्यारस पर निकले भगवान के डोल, अखाड़ों के करतब बने आकर्षण का केंद्र
40 से अधिक स्थानों पर अखाड़ों का स्वागत; आजाद चौक में कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां, करणी सेना परिवार ने बांटे फल
रिपोर्ट: चंद्रेश जैन, शाजापुर ब्यूरो चीफ, स्वराज वाणी
कैमरा पर्सन: विकास केवट
शाजापुर। डोल ग्यारस के अवसर पर शाजापुर में धार्मिक उत्साह के साथ आयोजन हुआ। भगवान के डोल और धार्मिक झांकियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन में शामिल विभिन्न अखाड़ों की प्रस्तुतियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहीं। कलाकारों ने पारंपरिक कला और शौर्य से जुड़े करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए मार्गों के किनारे दर्शक जुटे।
आयोजन के दौरान अखाड़ों का शहर में 40 से अधिक स्थानों पर स्वागत किया गया। इसी क्रम में अखाड़ों के आजाद चौक पहुंचने पर विभिन्न संगठनों ने उनके उस्तादों और सदस्यों का स्वागत एवं सम्मान किया। यहां कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए। दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
भगवान के डोल और झांकियों ने खींचा ध्यान
डोल ग्यारस के अवसर पर भगवान के डोल आयोजन का प्रमुख हिस्सा रहे। धार्मिक झांकियों और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल श्रद्धालुओं ने शहर के उत्सवी माहौल को और जीवंत बनाया। आयोजन को देखने पहुंचे लोगों ने डोल के दर्शन किए और पर्व की खुशियां एक-दूसरे के साथ साझा कीं।
मार्गों पर श्रद्धालुओं और दर्शकों की आवाजाही बनी रही। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने धार्मिक आयोजन के साथ अखाड़ों की प्रस्तुतियां भी देखीं। कई दर्शकों ने कलाकारों के करतब अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड किए। डोल और झांकियों के साथ चल रहे अखाड़ों के कारण आयोजन में धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों रंग दिखाई दिए।
अखाड़ों के कलाकारों ने दिखाए करतब
विभिन्न अखाड़ों के उस्तादों और सदस्यों ने अपने अभ्यास और कौशल का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियां देखने के लिए लोग आयोजन स्थल तथा मार्गों के आसपास रुके रहे। कलाकारों के करतबों पर दर्शकों ने तालियां बजाईं और उनका हौसला बढ़ाया।
अखाड़ों की भागीदारी ने डोल ग्यारस के आयोजन को अलग पहचान दी। पारंपरिक कला से जुड़ी इन प्रस्तुतियों को देखने के लिए बच्चों से लेकर बड़ों तक में उत्साह रहा। अखाड़ों के सदस्यों ने आजाद चौक में भी करतब दिखाए, जहां उनके स्वागत के लिए विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद थे।
आजाद चौक में हुआ स्वागत और सम्मान
शहर के अलग-अलग स्थानों पर स्वागत के बाद आजाद चौक पहुंचे अखाड़ों का भी अभिनंदन किया गया। यहां अखाड़ों के उस्तादों और सदस्यों को सम्मानित किया गया। स्वागत के दौरान मौजूद लोगों ने उनकी प्रस्तुतियां देखीं और कलाकारों की मेहनत की सराहना की।
आयोजन से मिली जानकारी के अनुसार, अखाड़ों का 40 से अधिक स्थानों पर स्वागत हुआ। यह स्वागत शहरवासियों और विभिन्न संगठनों की भागीदारी को दर्शाता है। आजाद चौक में हुए कार्यक्रम में दर्शकों की मौजूदगी के बीच कलाकारों ने अपने करतब प्रस्तुत किए।
करणी सेना परिवार ने बांटे फल
डोल ग्यारस के इस आयोजन में करणी सेना परिवार शाजापुर की टीम ने भी अखाड़ों का स्वागत किया और फल वितरण किया। इस अवसर पर करणी सेना परिवार के शाजापुर जिला अध्यक्ष सोनू बन्ना सापखेड़ा, जिला उपाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह भदोरिया, जिला संयोजक भीम सिंह डूंगरखेड़ा और तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह मझानिया उपस्थित रहे।
टीम में मोहित सिंह, मीडिया प्रभारी रोहित सिंह पंवार, मनोज बन्ना पतोली, लोकेंद्र बन्ना, कुणाल बन्ना, गोल्डी बन्ना सुंदरगढ़ और जीवन सिंह शेरपुर सहित अन्य सदस्य भी शामिल हुए। सदस्यों ने आयोजन में आए अखाड़ों का स्वागत किया और फल वितरित किए।
डोल ग्यारस पर शाजापुर में भगवान के डोल, धार्मिक झांकियों और अखाड़ों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। शहर में जगह-जगह हुए स्वागत और आजाद चौक में आयोजित सम्मान के साथ पर्व धार्मिक आस्था तथा पारंपरिक कला के उत्सव के रूप में मनाया गया।
