DMart के मालिक राधाकिशन दमानी ने VST Industries में 1100 करोड़ का निवेश कर 29% हिस्सेदारी खरीदी। जानें क्यों यह कर्ज-मुक्त कंपनी 4.5% डिविडेंड यील्ड के साथ बेहतरीन विकल्प है।
राधाकिशन दमानी ने 100 साल पुरानी कंपनी में लगाए 1100 करोड़, कर्ज-मुक्त और मजबूत डिविडेंड ने बनाया आकर्षक निवेश
बढ़ती ब्याज दरों और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच जहां निवेशक सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं, वहीं दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी ने एक बार फिर अपनी निवेश रणनीति से सभी का ध्यान खींचा है। DMart के संस्थापक और मास्टर स्टॉक मार्केट इन्वेस्टर राधाकिशन दमानी ने एक 100 साल पुरानी, कर्ज-मुक्त और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी VST Industries Ltd में करीब 1100 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह बड़ा निवेश उनकी लॉन्ग-टर्म सोच और वैल्यू इन्वेस्टिंग के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है।
आइए जानते हैं कि आखिर क्यों राधाकिशन दमानी ने इस विशेष कंपनी पर दांव लगाया है और यह आम निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है।
VST Industries: 100 साल पुरानी कंपनी की मजबूत विरासत
राधाकिशन दमानी का निवेश कोई सामान्य कंपनी नहीं है, बल्कि यह VST Industries Ltd है, जिसकी स्थापना 1930 में ‘वजीर सुल्तान टोबैको कंपनी’ के रूप में हुई थी। यह कंपनी भारत के सिगरेट बाजार में तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है और इसकी गिनती सबसे पुरानी और विश्वसनीय कंपनियों में होती है। कंपनी का प्रसिद्ध ब्रांड ‘टोटल’ लंबे समय से भारतीय उपभोक्ताओं के बीच अपनी पहचान बनाए हुए है।
VST Industries की एक बड़ी खासियत यह है कि यह British American Tobacco Plc (BAT) की सहयोगी कंपनी है। BAT जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनी का सहयोग होना कंपनी की कॉरपोरेट गवर्नेंस और स्थिरता को दर्शाता है। यह वही कंपनी है जो दशकों से भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति बनाए हुए है और मुनाफा कमा रही है।
दमानी का दशक पुराना भरोसा और बड़ा दांव
राधाकिशन दमानी का यह भरोसा एक दिन या एक साल पुराना नहीं है। उन्होंने मार्च 2016 से ही इस कंपनी में निवेश बनाए रखा है। वर्तमान में, उनकी VST Industries में करीब 29% की हिस्सेदारी है, जिसकी कुल कीमत 1100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। यह बड़ी हिस्सेदारी बताती है कि राधाकिशन दमानी इस कंपनी के भविष्य को लेकर कितने आश्वस्त हैं और उन्होंने इसे अपने पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बना लिया है।
क्यों VST Industries है राधाकिशन दमानी की पसंदीदा?
राधाकिशन दमानी ने अपनी निवेश यात्रा में हमेशा उन कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया है जिनका बिजनेस मॉडल मजबूत हो, जिन पर कर्ज का बोझ न हो और जो नियमित रूप से डिविडेंड देती हों। VST Industries इन सभी कसौटियों पर खरी उतरती है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
1. कर्ज-मुक्त कंपनी (Zero-Debt Company)
VST Industries की सबसे बड़ी ताकत इसकी ‘जीरो डेब्ट’ स्थिति है। कंपनी के बैलेंस शीट पर कोई कर्ज नहीं है। इसका मतलब है कि बढ़ती ब्याज दरों का कंपनी के मुनाफे पर कोई असर नहीं पड़ता। जहां दूसरी कंपनियां ब्याज के बोझ से दब रही हैं, वहीं VST Industries अपनी सारी कमाई को बिना किसी बोझ के बिजनेस में दोबारा लगा सकती है या शेयरधारकों को लौटा सकती है। यह वित्तीय स्थिरता का सबसे बड़ा संकेत है।
2. मजबूत डिविडेंड यील्ड (4.5%)
वर्तमान समय में निवेशकों के लिए डिविडेंड एक अहम कारक बन गया है। VST Industries लगातार अच्छा डिविडेंड देती रही है। कंपनी की डिविडेंड यील्ड लगभग 4.5% है, जो कि इंडस्ट्री के औसत से काफी बेहतर है। यह उन निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प है जो नियमित आय चाहते हैं। साथ ही, कंपनी का ROCE (Return on Capital Employed) लगभग 21% है, जो दर्शाता है कि कंपनी अपने निवेश पर शानदार रिटर्न देने में सक्षम है।
3. आकर्षक वैल्यूएशन (Attractive Valuation)
शेयर बाजार में गिरावट के बाद VST Industries का वैल्यूएशन काफी आकर्षक हो गया है। कंपनी वर्तमान में 17x P/E (Price-to-Earnings) पर ट्रेड कर रही है, जो इसके ऐतिहासिक औसत और इंडस्ट्री के औसत दोनों से कम है। यह स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई से लगभग 56% नीचे है। राधाकिशन दमानी जैसे दिग्गज निवेशक के लिए यही ‘वैल्यू’ खरीदने का सुनहरा मौका होता है।
शेयर प्राइस में गिरावट: मौका या खतरा?
अगर हम VST Industries के शेयर प्राइस के ट्रेंड पर नजर डालें तो पता चलता है कि मार्च 2021 में यह शेयर 302 रुपये के स्तर पर था, जो मार्च 2026 में आते-आते घटकर करीब 222 रुपये रह गया है। यह गिरावट कई बाजारी कारणों से हुई होगी, लेकिन राधाकिशन दमानी जैसे निवेशक के लिए यह गिरावट घबराने का नहीं, बल्कि जमकर खरीदारी करने का मौका होती है।
एक कर्ज-मुक्त कंपनी का मजबूत डिविडेंड के साथ सस्ते वैल्यूएशन पर उपलब्ध होना, दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक मजबूत केस बनाता है। यही वजह है कि राधाकिशन दमानी ने न सिर्फ अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखी, बल्कि इसे बढ़ाया भी।
निवेशकों के लिए सीख (Key Takeaway)
राधाकिशन दमानी की इस निवेश रणनीति से आम निवेशकों को कई महत्वपूर्ण सीख मिलती है:
- दीर्घकालिक दृष्टिकोण: राधाकिशन दमानी ने 2016 से यह निवेश होल्ड किया है। शॉर्ट-टर्म की उतार-चढ़ाव से ऊपर उठकर लॉन्ग-टर्म सोच रखना ही बड़ा रिटर्न देता है।
- गुणवत्ता पर ध्यान: उन्होंने एक कर्ज-मुक्त, मजबूत ब्रांड और स्थिर मुनाफा देने वाली कंपनी में निवेश किया। बाजार में गिरावट के समय ऐसी कंपनियां ही सुरक्षा का कवच प्रदान करती हैं।
- डिविडेंड की ताकत: 4.5% की डिविडेंड यील्ड न सिर्फ नियमित आय देती है, बल्कि बाजार गिरने पर भी निवेशक का मनोबल बनाए रखती है।
निष्कर्ष
राधाकिशन दमानी का VST Industries में 1100 करोड़ का निवेश सिर्फ एक खबर नहीं है, बल्कि यह एक मास्टरक्लास है कि कैसे अस्थिर बाजार में भी स्थिरता और गुणवत्ता पर दांव लगाया जाता है। 100 साल पुरानी विरासत, कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट, 4.5% की शानदार डिविडेंड यील्ड और आकर्षक वैल्यूएशन – ये चार स्तंभ इस निवेश को मजबूत बनाते हैं। उनके इस कदम से साफ है कि वे भारतीय अर्थव्यवस्था और इस कंपनी की मजबूत बुनियाद पर पूरा भरोसा रखते हैं।
