दीपावली तक सराफा चौपाटी का स्वरूप बदलेगा, केवल परंपरागत व्यंजन की दुकानें होंगी
इंदौर। सराफा बाजार में रात के समय लगने वाली चौपाटी को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नगर निगम ने विशेष कमेटी का गठन कर दिया है। इसका उद्देश्य दीपावली तक चौपाटी के स्वरूप को बदलना और इसे फिर से पारंपरिक शैली में ढालना है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि अब चौपाटी में केवल पारंपरिक व्यंजन की दुकानें ही लगेंगी। पहले की तरह जंक फूड, चाइनीस फूड या अन्य आधुनिक फास्ट फूड स्टॉल्स को अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बदलाव के लिए नगर निगम के मार्केट और रिमूवल विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो अगले कुछ दिनों के अंदर ही कार्रवाई शुरू करेंगे।
कमेटी का गठन और सदस्य
- इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए नगर निगम ने एक कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में शामिल हैं:
- महापौर (अध्यक्ष)
- नगर निगम आयुक्त और सचिव
- क्षेत्र के विधायक
- सराफा बाजार व्यापार संघ के अध्यक्ष और महामंत्री
- चौपाटी संगठन के अध्यक्ष और महामंत्री
- क्षेत्रीय एसडीएम
- पुलिस अधिकारी (क्षेत्रीय पुलिस प्रतिनिधि)
- क्षेत्रीय निवासी प्रतिनिधि
- महापौर परिषद के सदस्य
- राजस्व विभाग के अपर आयुक्त
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महापौर ने बताया कि कमेटी के सदस्य बाजार की स्थिति का अवलोकन करेंगे और यह तय करेंगे कि चौपाटी में किस प्रकार से दुकानों की व्यवस्था की जाए ताकि न केवल सुरक्षा बनी रहे बल्कि बाजार का सौंदर्य और संचालन भी बेहतर हो।
समय निर्धारण और संचालन - भार्गव ने कहा कि पहले दुकानदार शाम के समय ही अपना सामान लेकर चौपाटी में पहुंच जाते थे, जिससे सराफा बाजार में विशेषकर सोना-चांदी के व्यापारियों को काफी दिक्कतें होती थीं। अब दुकानों के संचालन का समय निर्धारित किया जाएगा और निर्धारित समय से पहले किसी भी व्यापारी को चौपाटी में सामान लगाने की अनुमति नहीं होगी।
- सड़क पर दुकानों की नई व्यवस्था
- सड़क पर दुकानों की व्यवस्था भी बदली जाएगी। पहले दोनों तरफ दुकानें लगने से बाजार में अव्यवस्था और भीड़ बढ़ जाती थी, जिससे लोगों को परेशानी होती थी। नई व्यवस्था के तहत सभी दुकानें सड़क के एक तरफ लाइन में लगेंगी। इससे न केवल बाजार का दृश्य आकर्षक बनेगा, बल्कि पैदल चलने वालों और खरीदारों के लिए भी आरामदायक वातावरण मिलेगा।
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व्यापारियों और जनता के लिए फायदे
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पारंपरिक व्यंजन का अनुभव पुनः मिलेगा।
- जंक फूड और चाइनीस स्टॉल्स हटने से स्वच्छता बढ़ेगी।
- दुकानों के समय और स्थान की व्यवस्थित व्यवस्था से बाजार में भीड़ और अराजकता कम होगी।
- व्यापारियों को व्यवधान कम होगा और ग्राहकों को सुविधा बढ़ेगी।
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महापौर ने कहा कि यह कदम केवल व्यवस्था सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि सराफा बाजार की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान को भी पुनः स्थापित करेगा। दीपावली तक इस नई व्यवस्था को लागू करना नगर निगम का मुख्य लक्ष्य है।
