गायत्री परिवार की जिला स्तरीय समन्वय कार्यशाला संपन्न
आध्यात्मिक साधना, सामाजिक अभियानों और मिशन विस्तार को लेकर कार्यकर्ताओं को मिला मार्गदर्शन
Dhar । अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में नगर स्थित गायत्री शक्ति पीठ में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं की जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। रविवार को आयोजित यह कार्यशाला दो सत्रों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चली, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के कार्यकर्ता और परिजन शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपजोन इंदौर प्रभारी महेश केवट एवं गायत्री परिवार के जिला समन्वयक हीरालाल पाटीदार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और देव पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात कार्यशाला में विभिन्न सामाजिक, आध्यात्मिक और संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
शांतिकुंज के लक्ष्य और उद्देश्यों की दी जानकारी
कार्यशाला की शुरुआत में जिला समन्वयक हीरालाल पाटीदार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए माताजी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा जिले को दिए गए लक्ष्य और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने गायत्री परिवार के विभिन्न सेवा कार्यों और आगामी योजनाओं के बारे में कार्यकर्ताओं को अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। इसके लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

उपासना, साधना और आराधना पर दिया जोर
उपजोन प्रभारी महेश केवट ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि गायत्री परिवार से जुड़ने वाले प्रत्येक कार्यकर्ता को उपासना, साधना और आराधना को अपने नियमित जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिशन के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए समयदान और अंशदान का महत्व भी बहुत अधिक है।
उन्होंने प्रज्ञा पुंज, प्रज्ञा पुत्र और प्रज्ञा परिजन की अवधारणा को विस्तार से समझाते हुए कहा कि गायत्री परिवार से जुड़कर समाज सेवा करने वाले कार्यकर्ताओं को लोक सम्मान, देवी अनुग्रह और आत्म संतोष की अनुभूति प्राप्त होती है।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा को लेकर जानकारी
कार्यशाला में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला प्रभारी शांतिलाल विश्वकर्मा ने आगामी समय में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में भारतीय संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ज्ञान दीक्षा संस्कार, विद्या आरंभ और सुंदर मंत्र लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे सात प्रमुख आंदोलनों की जानकारी भी दी और उनके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
व्यसन मुक्ति अभियान की तैयारियों पर चर्चा
गायत्री परिवार के व्यसन मुक्ति आंदोलन के जिला प्रभारी धर्मेंद्र मकवाना ने आगामी माह में धरमपुरी तहसील में आयोजित होने वाली जिला स्तरीय व्यसन मुक्ति रैली की तैयारियों के संबंध में कार्यकर्ताओं को जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। इसके लिए गायत्री परिवार लगातार प्रयास कर रहा है और आने वाले समय में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे उपस्थित
कार्यशाला में पुष्पा खंडेलवाल, पप्पू खंडेलवाल, रेखा खंडेलवाल, डॉ. धन्नालाल पाटीदार, गिरधारी लाल मालवीया, प्रताप सिंह अंचल, भूरे सिंह सोलंकी सहित जिलेभर से आए गायत्री परिवार के अनेक परिजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगेश मालवीया, राकेश पुरोहित और खंडेलवाल परिवार का विशेष सहयोग रहा। कार्यशाला का संचालन जिला सह समन्वयक प्रवीण पाटीदार ने किया।
विश्व शांति के लिए की गई प्रार्थना
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की। इसके बाद शांतिपाठ के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर समाज सेवा, संस्कार निर्माण और आध्यात्मिक जागरूकता के कार्यों को और अधिक गति देने का संकल्प लिया। यह कार्यशाला संगठनात्मक मजबूती और मिशन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
