गंदे नालों में भुजरिया विसर्जन और दंगल के आयोजन पर विवाद, AAP नेता ने CMO से की निष्पक्ष जांच की मांग
पाथाखेड़ा, शोभापुर और कालीमाई क्षेत्र का मामला
रिर्पोट: संदीप तायड़े स्वराज वाणी,सारनी
सारनी। नगर पालिका परिषद सारनी के अंतर्गत पाथाखेड़ा, शोभापुर और कालीमाई क्षेत्रों में कथित रूप से गंदे एवं दूषित नालों में भुजरिया विसर्जन और दंगल प्रतियोगिता आयोजित किए जाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयुक्त सचिव सपन कामला ने नगर पालिका परिषद सारनी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को शिकायती आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
सपन कामला ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि 29 अगस्त 2026 को नगर पालिका क्षेत्र के कुछ स्थानों पर मलमूत्र युक्त गंदे नालों में धार्मिक पर्व भुजरिया का विसर्जन कराया गया। इसी दौरान दो पक्षों के बीच दंगल प्रतियोगिता का आयोजन भी किए जाने की बात कही गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजन के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। उनके अनुसार दूषित पानी और गंदे नालों के आसपास धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजन होने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
AAP नेता ने अपने आवेदन में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष किशोर बर्दे, नेता प्रतिपक्ष आनंद नागले तथा स्वच्छता विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित हुआ और इस दौरान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को नजरअंदाज किया गया।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
परंपरा के नाम पर लापरवाही का आरोप
सपन कामला ने कहा कि धार्मिक परंपराओं और आयोजनों का सम्मान जरूरी है, लेकिन किसी भी आयोजन में आम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परंपरा का हवाला देकर प्रशासनिक जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान साफ-सफाई, सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन सुनिश्चित करना नगर पालिका और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
AAP नेता ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पास घटनाक्रम से संबंधित साक्ष्य मौजूद हैं और जांच के दौरान इनकी भी पड़ताल की जा सकती है।
उन्होंने मांग की कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता विभाग के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नगर पालिका से जवाब की उम्मीद
शिकायती आवेदन के बाद अब मामले में नगर पालिका प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच प्रक्रिया पर नजर रहेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आयोजन किन परिस्थितियों में कराया गया, स्वच्छता एवं सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई थीं और किसी नियम का उल्लंघन हुआ या नहीं।
आवेदन सौंपते समय पदाधिकारी रहे मौजूद
मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवेदन सौंपने के दौरान सिराज खान, रमेश भूमरकर, थाबीराम डोंगरे, सुरेश जावलकर, संजय खातरकर, संतोष मुजमुले, अजय सोनी, सपन कामला सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
AAP नेता ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द जांच पूरी करने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
