शिक्षक भर्ती को लेकर भोपाल में आंदोलन तेज, अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे दिग्विजय सिंह; बोले- मांगें नहीं मानीं तो करूंगा 24 घंटे की भूख हड़ताल
भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने और रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का समर्थन मिला है। बुधवार को दिग्विजय सिंह भोपाल में प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों को सुना। उन्होंने राज्य सरकार से शिक्षक भर्ती से जुड़े मुद्दों पर शिक्षक दिवस तक सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि तब तक अभ्यर्थियों की मांगों पर फैसला नहीं हुआ तो वे उनके समर्थन में 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे।
दिग्विजय सिंह ने प्रदर्शनकारी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे उनकी मांगों और अधिकारों की लड़ाई में साथ खड़े हैं। उन्होंने शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने, रिक्त पदों को भरने और पात्र अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर दिए जाने की मांग का समर्थन किया।
शिक्षक दिवस तक निर्णय लेने की मांग
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने सरकार के सामने शिक्षक दिवस तक का समय रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षक अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया और पदों की संख्या को लेकर अपनी मांग उठा रहे हैं, इसलिए सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए।
उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि यदि शिक्षक दिवस तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं होता है तो वे स्वयं उनके समर्थन में 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। उनके इस ऐलान के बाद शिक्षक भर्ती से जुड़े आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल गया है।
दिग्विजय सिंह ने अपने संबोधन में उम्र का जिक्र करते हुए खुद को “80 साल का नौजवान” बताया और कहा कि युवाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का उनका जज्बा कायम है।
पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे अभ्यर्थी
शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग पदों की संख्या बढ़ाने की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश में रिक्त शिक्षक पदों को देखते हुए भर्ती में अधिक पद शामिल किए जाने चाहिए, जिससे योग्य और पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर मिल सके।
अभ्यर्थी विशेष रूप से वर्ग-2 और वर्ग-3 की भर्ती में पद बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं। इसके अलावा खाली पदों को भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरने और पात्र अभ्यर्थियों को अवसर देने की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है।
प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों का कहना है कि उन्होंने शिक्षक बनने के लिए लंबे समय तक तैयारी की है। परीक्षा और अन्य प्रक्रियाओं में शामिल होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि पर्याप्त पदों पर भर्ती निकाली जाएगी। ऐसे में पदों की संख्या को लेकर उनकी मांग पर सरकार को विचार करना चाहिए।
दिग्विजय सिंह बोले- युवाओं को मिलना चाहिए रोजगार का अवसर
अभ्यर्थियों से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिक्षक बनने की तैयारी करने वाले युवाओं ने वर्षों तक मेहनत की है। ऐसे पात्र युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में उपलब्ध रिक्तियों और अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति महत्वपूर्ण है।
दिग्विजय सिंह ने प्रदर्शनकारी युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी मांगों को उठाया जाएगा और वे इस लड़ाई में उनके साथ हैं।
वर्ग-2 और वर्ग-3 में भी पद बढ़ाने की मांग
आंदोलन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों में वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाना प्रमुख रूप से शामिल है। उम्मीदवारों का कहना है कि भर्ती में पदों की संख्या बढ़ने से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को नौकरी का मौका मिल सकेगा।
इसके साथ ही अभ्यर्थी चाहते हैं कि प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर खाली पड़े शिक्षक पदों को जल्द भरा जाए। उनका कहना है कि एक ओर स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में प्रशिक्षित उम्मीदवार रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट और सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन
दिग्विजय सिंह के प्रदर्शन स्थल पहुंचने और 24 घंटे की भूख हड़ताल की चेतावनी देने के बाद शिक्षक भर्ती का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। उन्होंने सीधे तौर पर अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से निर्धारित समय के भीतर निर्णय लेने की मांग की है।
हालांकि, अभ्यर्थियों की मांगों पर सरकार की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर अब सभी की नजर रहेगी। शिक्षक दिवस तक कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे बढ़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
लंबे समय से रोजगार का इंतजार कर रहे युवा
शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उनका लंबा समय और संसाधन लगे हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि सरकार रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाए।
आंदोलन के माध्यम से अभ्यर्थी अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया में अधिक से अधिक पात्र युवाओं को अवसर दिया जाए और खाली पदों को जल्द भरा जाए।
शिक्षक दिवस पर टिकी नजर
दिग्विजय सिंह द्वारा शिक्षक दिवस तक का समय दिए जाने के बाद अब इस मुद्दे पर अगले कुछ दिनों की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। यदि सरकार और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के बीच मांगों को लेकर कोई सहमति बनती है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। वहीं मांगों पर फैसला नहीं होने की स्थिति में दिग्विजय सिंह ने 24 घंटे की भूख हड़ताल करने की बात कही है।
फिलहाल शिक्षक अभ्यर्थी अपनी मांगों पर कायम हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाई जाए, रिक्त पदों को भरा जाए, वर्ग-2 और वर्ग-3 में अधिक पद शामिल किए जाएं तथा सभी पात्र उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में उचित अवसर मिले।
