Digvijaya Singh का BJP पर तीखा हमला: अविमुक्तेश्वरानंद हमारे गुरु भाई, योगी पुलिस ने किया दुर्व्यवहार
मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोकने को लेकर राजनीति तेज हो गई है। इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh ने भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह घटना सनातन धर्म और उसकी परंपराओं का अपमान है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सनातन समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। Digvijaya Singh ने इस मामले को सिर्फ एक धार्मिक विवाद नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बताया। उनका कहना है कि शंकराचार्य जैसे धार्मिक गुरु को रोकना और उनके साथ पुलिस द्वारा अनुचित व्यवहार करना, देश की संवेदनशीलता के खिलाफ है।
योगी की पुलिस ने शंकराचार्य के साथ किया गलत व्यवहार
Digvijaya Singh ने कहा कि सनातन धर्म के चार प्रमुख पीठ—द्वारिका, पुरी, रामेश्वरम और बद्रीनाथ जोशी मठ—पर शंकराचार्य की पीठ हजारों वर्षों से स्थापित है। इन पीठों पर शंकराचार्य का स्थान धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जोशी मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मौनी अमावस्या पर स्नान करने का अधिकार है, और यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। उन्होंने कहा, शंकराचार्य स्नान करने जाते हैं, तो वे पालकी में बैठकर जाते हैं, पैदल नहीं जाते। यह एक स्थापित धार्मिक परंपरा है। लेकिन उम्मीद नहीं थी कि योगी आदित्यनाथ जैसे व्यक्ति, जो खुद महंत हैं, उनकी पुलिस शंकराचार्य के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार करेगी। Digvijaya Singh ने यह भी कहा कि शंकराचार्य सत्याग्रह कर रहे हैं और उन्होंने जल और अनाज छोड़कर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने गुरु भाई स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अपनी संवेदना जताई और कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों ने इस तरह का व्यवहार किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मोदी और योगी को सनातनियों से माफी मांगनी चाहिए
Digvijaya Singh ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक धार्मिक विवाद नहीं है, बल्कि देश की संस्कृति और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सनातन समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। उनके मुताबिक, इस तरह की घटना से समाज में असमंजस और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
BJP और RSS पर तंज, कहा—‘धर्म से नहीं, हिंदुत्व से है रिश्ता’
Digvijaya Singh ने भाजपा और आरएसएस पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदुओं के साथ नहीं, बल्कि हिंदुत्व के साथ जुड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक लोगों से चंदा लेते हैं, उन्हें भंडारे कराते हैं, लेकिन असल में उनका उद्देश्य धर्म नहीं, राजनीति है। उन्होंने कहा, भाजपा और आरएसएस का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। ये लोग कहते हैं कि हिंदुओं को एक हो जाना चाहिए क्योंकि मुसलमानों से खतरा है। वहीं, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं कि मुसलमानों को एक हो जाना चाहिए क्योंकि हिंदुओं से खतरा है। दोनों मिलकर देश में विभाजन की राजनीति खेलते हैं। Digvijaya Singh ने इस संदर्भ में कहा कि आपसी लड़ाई के कारण देश को खतरा है। उन्होंने याद दिलाया कि सावरकर और जिन्ना ने देश का विभाजन करवाया था, और अब देश के भीतर शहरों और मोहल्लों का विभाजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विभाजन को बढ़ावा देना गलत है और हमें एकता बनाए रखनी चाहिए।
विवाद ने बढ़ाई राजनीति की गर्मी
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य को रोकने की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। यह विवाद केवल धार्मिक नहीं रहकर राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा बन गया है, क्योंकि दोनों तरफ से इस मामले को लेकर बयानबाजी जारी है। इस मामले में अब चर्चा का केंद्र यह है कि योगी सरकार और पुलिस प्रशासन ने शंकराचार्य के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया, और क्या यह धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं है। राजनीतिक दलों का मानना है कि इस मुद्दे पर सटीक जानकारी और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह और गलतफहमी न फैले।
