दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद चुनाव 15 मार्च को इंदौर में होगा। 728 प्रतिनिधि मतदान करेंगे। जानिए पूरा चुनाव कार्यक्रम, प्रक्रिया और महत्व
राजेश जैन दद्दू
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद चुनाव: 15 मार्च को होगा अध्यक्ष का निर्णय
इंदौर में दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद चुनाव को लेकर समाज में व्यापक उत्साह का वातावरण है। कीर्ति स्तंभ स्थित दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 15 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इस चुनाव में नगर के विभिन्न मंदिरों से अधिकृत 728 प्रतिनिधि भाग लेकर नए अध्यक्ष का चयन करेंगे।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य चुनाव अधिकारी, पूर्व न्यायाधीश नरेंद्र जैन, द्वारा विस्तृत चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, अनुशासित और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं।
चुनाव कार्यालय और तैयारियाँ

दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद चुनाव के लिए मुख्य चुनाव कार्यालय
एस-118, यशवंत प्लाजा, इंदौर में स्थापित किया गया है।
यहाँ से संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
728 प्रतिनिधियों की प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित
मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार:
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21 फरवरी को दोपहर 12 बजे
प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। -
यह सूची नगर के मंदिरों से प्राप्त 728 अधिकृत प्रतिनिधियों पर आधारित है।
मतदाता सूची अवलोकन समय:
दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक (25 फरवरी तक)
इस दौरान प्रतिनिधि लिखित रूप में सुझाव और आपत्तियाँ दस्तावेज सहित प्रस्तुत कर सकेंगे।
आपत्तियों का निराकरण और अंतिम सूची
- 26 फरवरी: आपत्तियों का निराकरण
- 27 फरवरी: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन (12 से 4 बजे)
इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद चुनाव में केवल पात्र प्रतिनिधि ही मतदान करें।
नामांकन प्रक्रिया: 28 फरवरी से 2 मार्च
चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्याशियों के लिए:
- नामांकन फॉर्म प्राप्त और जमा:
28 फरवरी से 2 मार्च (12 से 4 बजे तक) - नामांकन पत्रों की जांच: 3 मार्च
- प्रत्याशियों की अंतिम सूची प्रकाशित: 5 मार्च
यह चरण चुनाव की औपचारिक प्रतिस्पर्धा की शुरुआत मानी जा रही है।
मतदान 15 मार्च को — उदासीन आश्रम बनेगा लोकतांत्रिक मंच

यदि आवश्यक हुआ तो मतदान:
15 मार्च
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक
एमजी रोड स्थित उदासीन आश्रम
उसी दिन होगी मतगणना और परिणाम घोषणा
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मतगणना: 15 मार्च, शाम 5 बजे से
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निर्वाचित अध्यक्ष की घोषणा: मतगणना पूर्ण होते ही
अर्थात समाज को उसी दिन नया नेतृत्व मिल जाएगा।
निष्पक्षता के लिए 14 सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी ने 14 सहायक निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति की है।
प्रमुख नामों में शामिल हैं:
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पूर्व डीएसपी डी.के. जैन
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एडवोकेट अभय कुमार जैन
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एडवोकेट वीरेंद्र जैन
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एडवोकेट पूजा जैन
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अन्य वरिष्ठ सामाजिक प्रतिनिधि
इनकी भूमिका चुनाव की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना होगी।
समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव?
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद चुनाव केवल पद चयन नहीं, बल्कि सामाजिक दिशा तय करने की प्रक्रिया है।
इस चुनाव से तय होंगे:
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समाज की संगठनात्मक नीति
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धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों की दिशा
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युवाओं की भागीदारी
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सेवा, शिक्षा और संस्कार गतिविधियों का विस्तार
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समाज की एकता और नेतृत्व संरचना
यह चुनाव आने वाले वर्षों की सामाजिक कार्ययोजना का आधार बनेगा।
लोकतांत्रिक परंपरा का सशक्त उदाहरण
दिगंबर जैन समाज लंबे समय से सहमति, संवाद और प्रतिनिधित्व आधारित व्यवस्था का पालन करता आया है।
यह चुनाव उसी लोकतांत्रिक परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर है।
समाज के वरिष्ठों का मानना है कि:
“सशक्त नेतृत्व से ही समाज की पहचान, सेवा और संस्कार की परंपरा आगे बढ़ती है।”
पूरा चुनाव कार्यक्रम एक नज़र में
| चरण | तिथि |
|---|---|
| प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशन | 21 फरवरी |
| अवलोकन एवं आपत्तियाँ | 25 फरवरी तक |
| आपत्तियों का निराकरण | 26 फरवरी |
| अंतिम सूची प्रकाशन | 27 फरवरी |
| नामांकन | 28 फरवरी – 2 मार्च |
| जांच | 3 मार्च |
| प्रत्याशी सूची | 5 मार्च |
| मतदान (यदि आवश्यक) | 15 मार्च |
| मतगणना | 15 मार्च |
निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव पर विशेष जोर
चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि:
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प्रक्रिया पूरी तरह दस्तावेज आधारित होगी
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अधिकृत प्रतिनिधियों को ही मतदान अधिकार
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हर चरण सार्वजनिक रूप से घोषित
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विधिक और प्रशासनिक अनुशासन का पालन
इससे दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद चुनाव की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।
निष्कर्ष
इंदौर में होने जा रहा दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद चुनाव समाज के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक ऊर्जा, संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की दिशा तय करने वाला निर्णायक क्षण है।
15 मार्च को होने वाला यह चुनाव समाज की सहभागिता, परंपरा और लोकतांत्रिक संस्कारों का सशक्त उदाहरण बनेगा।
