हरियाणा में चल रही बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा बुधवार (12 नवंबर) को अपने पांचवें दिन में पहुंची। यात्रा की शुरुआत पलवल के तुमसरा गांव से हुई थी, लेकिन जैसे ही यह खटेला सराय गांव के पास पहुंची, अचानक शास्त्री की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार हुआ और वे सड़क किनारे ही लेट गए।
मौके पर बुलाए गए डॉक्टरों ने उनकी जांच की, जिसमें उनका तापमान 100°F से अधिक पाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें दो से तीन दिन के आराम की सलाह दी, लेकिन शास्त्री ने विश्राम करने के बजाय पदयात्रा को जारी रखा।

बुखार को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। शरीर का बढ़ा हुआ तापमान अक्सर संक्रमण या अत्यधिक थकान का संकेत होता है। ऐसे समय पर यदि शरीर को पर्याप्त आराम न दिया जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। दवा से अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन लगातार इसे नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण है।
कब डॉक्टर की सलाह लें
डॉक्टर्स के अनुसार, यदि शरीर का तापमान लगातार बढ़ता रहे या 103°F (लगभग 39.4°C) से ऊपर चला जाए, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
University of Pittsburgh Medical Center के अनुसार, यदि तापमान 105°F (लगभग 40.6°C) तक पहुंच जाए या इसके साथ बेहोशी, दौरे या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखें, तो यह जानलेवा स्थिति हो सकती है। देरी से इलाज करने पर मस्तिष्क और अन्य अंगों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
डॉक्टर की सलाह और चेतावनी
शास्त्री की सेहत पर नजर रखने वाले डॉ. विजेन्द्र सिंह ने बताया, “धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत पिछले दो दिनों से ठीक नहीं है। उनकी जांच में तापमान 100°F से अधिक और गले में दर्द पाया गया। उन्हें कम से कम दो से तीन दिन आराम की सलाह दी गई है।”
