शतरंज प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया बौद्धिक कौशल, संभाग स्तर के लिए चयन
जिला स्तरीय पुरुष शतरंज प्रतियोगिता में धार की टीम विजेता और सरदारपुर की टीम उपविजेता रही
महेश कुमार वर्मा | सरदारपुर तहसील संवाददाता
स्थान – राजगढ़, धार
सरदारपुर। राजगढ़ में 1 अक्टूबर 2026 को जिला स्तरीय पुरुष शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन प्राचार्य प्रो. एल.एस. अलावा की अध्यक्षता तथा क्रीड़ा अधिकारी आकाश पथरौड़ एवं राजेश सिंह के मार्गदर्शन में हुआ। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया।
चार महाविद्यालयों की टीमों ने लिया भाग
प्रतियोगिता में शासकीय पी.जी. महाविद्यालय धार, आदर्श महाविद्यालय धामनोद, यशा कॉलेज ऑफ एजुकेशन बदनावर और शासकीय महाविद्यालय धरमपुरी की टीमों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने शतरंज की बिसात पर अपनी रणनीति, एकाग्रता और बौद्धिक कौशल का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में महाराजा भोज शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धार की टीम विजेता रही, जबकि श्री राजेन्द्र सूरी शासकीय महाविद्यालय सरदारपुर की टीम ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया।

संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों का चयन
प्रतियोगिता के बाद संभाग स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों का चयन किया गया। चयन समिति में गजानंद ठाकुर, रीदम हारोड़ और दिव्यम पाटीदार शामिल रहे।
चयनित खिलाड़ियों में प्रिंस रॉय, यशवंत भुरिया, आर्जव जैन, मो. जव्वाद कुरैशी और मो. नोमान उल्लाह काजी पीजी महाविद्यालय धार से, जबकि अम्मार तौसिफ यशा कॉलेज ऑफ एजुकेशन बदनावर से शामिल हैं।
स्टैंडबाय खिलाड़ियों के रूप में गौतम राठौर श्री राजेन्द्र सूरी शासकीय महाविद्यालय सरदारपुर, विनय सुपारिया आदर्श महाविद्यालय धामनोद का चयन किया गया।
सरस्वती पूजन से हुआ शुभारंभ
प्रतियोगिता का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। प्रतियोगिता का संचालन वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. आर.के. जैन, चेयरमैन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, द्वारा किया गया।
आयोजन में महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों प्रो. सरिता जैन, डॉ. डी.एस. मुजालदा, डॉ. ममता दास, डॉ. बी.एस. बघेल, प्रो. सुरेन्द्र रावत, प्रो. प्रियंका चंगोड़, प्रो. तूफान बेनल, डॉ. पूजा ठाकुर, प्रो. शबाना कुरैशी, डॉ. मोहनसिंह डावर सहित अन्य कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में श्री आशुतोष पथरौड़ ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
