धार सड़क हादसा में गुणावद रेलवे ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से 30 वर्षीय महिला जमनाबाई मकवाना की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उनका 10 वर्षीय बेटा और देवर सुरक्षित बच गए। पढ़ें पूरी खबर।
धार सड़क हादसा: गुणावद रेलवे ओवरब्रिज पर ट्रक की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, 10 वर्षीय बेटा और देवर सुरक्षित
संवाददाता : कौशिक पंडित | धार
धार सड़क हादसा
धार सड़क हादसा में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। धार जिले के गुणावद रेलवे ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे स्कूटी पर सवार 30 वर्षीय महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि ट्रक के पहिए के नीचे आने से महिला का सिर पूरी तरह चकनाचूर हो गया। वहीं स्कूटी पर सवार उनका 10 वर्षीय बेटा और देवर चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार जमनाबाई पति सुभाष मकवाना (30 वर्ष), निवासी आंबापुरा, अपने 10 वर्षीय बेटे कान्हा और देवर वकील मालवी के साथ खरीदारी करने धार शहर आई थीं।बाजार से आवश्यक सामान खरीदने के बाद तीनों स्कूटी से वापस घाटाबिल्लौद की ओर लौट रहे थे।जैसे ही उनकी स्कूटी गुणावद रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंची, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। महिला जमनाबाई सीधे ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गईं। हादसे में उनका सिर पूरी तरह कुचल गया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बेटा और देवर बाल-बाल बचे
हादसे के समय स्कूटी चला रहे वकील मालवी और 10 वर्षीय कान्हा किसी तरह ट्रक की चपेट में आने से बच गए। दोनों को मामूली झटका लगा, लेकिन किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई।घटना के बाद दोनों गहरे सदमे में हैं।
मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस
हादसे की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची।एंबुलेंस के पायलट अंबाराम मंडलोई ने महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया।पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
गुणावद रेलवे ओवरब्रिज बना हादसों का हॉटस्पॉट
स्थानीय लोगों का कहना है कि गुणावद रेलवे ओवरब्रिज पर फिलहाल केवल एक लेन से दोनों दिशाओं का यातायात संचालित किया जा रहा है।भारी वाहनों और छोटे वाहनों की एक साथ आवाजाही के कारण यहां लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
लोगों ने उठाई यह मांग
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- ओवरब्रिज पर दोनों लेन जल्द शुरू की जाए।
- भारी वाहनों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए।
- स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन कराया जाए।
- सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
- ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती हो।
- चेतावनी बोर्ड एवं रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की।पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है तथा चालक की तलाश की जा रही है।मामले की जांच जारी है।
हादसे ने फिर उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
लगातार हो रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ओवरब्रिज पर यातायात व्यवस्था बेहतर होती और भारी वाहनों की गति नियंत्रित रहती तो इस तरह की दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता था।
निष्कर्ष
धार सड़क हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था का गंभीर उदाहरण है। एक परिवार ने अपनी मां और पत्नी को हमेशा के लिए खो दिया, जबकि मासूम बेटा अपनी आंखों के सामने यह भयावह मंजर देखकर सदमे में है।यदि समय रहते प्रशासन आवश्यक कदम उठाता है तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

