दसाई में निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद पहचान शिविर संपन्न, 17 मरीजों को ऑपरेशन के लिए भेजा गया
संवाददाता : महेश कुमार वर्मा
दसाई (Dhar ): ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को शासकीय चिकित्सालय दसाई में निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद पहचान शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर गीता वेलफेयर एंड हेल्थ फाउंडेशन, शंकरा आई फाउंडेशन इंदौर और परिवार फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी आंखों की जांच करवाई। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों को इस स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और आंखों से संबंधित समस्याओं की जांच की सुविधा मिली। ग्रामीणों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
शिविर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप मालवीय एवं नेत्र चिकित्सा सहायक डॉ. श्रीमती प्रियंका साधु द्वारा मरीजों का परीक्षण किया गया। चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों की जांच कर उन्हें आवश्यक सलाह और उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही लोगों को आंखों की देखभाल, समय-समय पर जांच कराने और आंखों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने के लिए जागरूक किया गया।
आयोजित शिविर में लगभग 60 मरीजों ने अपनी आंखों की जांच करवाई। जांच के दौरान 17 मरीजों में मोतियाबिंद के लक्षण पाए गए। इन मरीजों को आगे के उपचार के लिए चिन्हित किया गया और उन्हें निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। सभी चिन्हित मरीजों को बस के माध्यम से शंकरा नेत्र चिकित्सालय इंदौर भेजा गया, जहां उनका विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के शिविरों का विशेष महत्व है। कई बार लोग आर्थिक समस्याओं, जागरूकता की कमी या अस्पतालों तक पहुंच न होने के कारण आंखों की गंभीर समस्याओं का समय पर इलाज नहीं करवा पाते हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को घर के नजदीक जांच और उपचार की सुविधा मिलती है तथा गंभीर बीमारियों की पहचान समय रहते हो जाती है।

मोतियाबिंद उम्र बढ़ने के साथ होने वाली एक सामान्य आंखों की समस्या है, लेकिन समय पर ऑपरेशन और उचित उपचार से मरीजों की दृष्टि को बेहतर बनाया जा सकता है। शिविर के माध्यम से मरीजों को इसी दिशा में आवश्यक सहायता प्रदान की गई।
शिविर के सफल आयोजन में शासकीय अस्पताल दसाई के कर्मचारियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अस्पताल की ओर से श्रीमती आशा जैन, मंजू चौहान, मोनिका नागपुरे, राजेंद्र चौहान, भारत ठाकुर, सूरज मेवाती, संजय मेवाती, आशा कार्यकर्ता यशोदा एवं अलका डोडिया ने मरीजों के पंजीयन, व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों को सुचारू रूप से संभाला।
गीता वेलफेयर एंड हेल्थ फाउंडेशन की ओर से महेश कुमार वर्मा, योगेंद्र तिवारी, नारायण पाटीदार एवं प्रवीण जैन उपस्थित रहे। परिवार फाउंडेशन की ओर से सुनील चौहान ने सहयोग प्रदान किया। वहीं शंकरा आई फाउंडेशन की ओर से लोकेश करोड़ीवाल, लाल सिंह जमरा, शंकरा मित्र मनीषा और ज्योति सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने मरीजों की सहायता और शिविर की व्यवस्थाओं में योगदान दिया।
ग्रामीणों ने इस सेवा कार्य के लिए सभी संस्थाओं, चिकित्सकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित होते हैं और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने भविष्य में भी इस तरह के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का संकल्प लिया, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
दसाई में आयोजित यह नेत्र परीक्षण शिविर स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सहयोग और जनकल्याण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा। सामूहिक प्रयासों से आयोजित इस शिविर ने कई लोगों को आंखों की समस्या की पहचान और समय पर उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।
