Dhar में अवैध वनोपज परिवहन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, तीन वाहन जब्त
रात्रि गश्त के दौरान नागदा फाटा और सरदारपुर क्षेत्र में पकड़े वाहन, दस्तावेज नहीं मिलने पर वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज
Dhar । जिले में वनोपज के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने रात्रि गश्त और वाहन जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए नीम और जलाऊ प्रजाति की ताजा लकड़ियों से भरे कुल तीन वाहनों को जब्त किया है। संबंधित वाहन चालकों के पास लकड़ी के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। इसके बाद वन विभाग ने मध्य प्रदेश अभिवहन (वनोपज) परिवहन नियम, 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नागदा फाटा पर दो वाहनों की जांच में खुलासा
डीएफओ विजयानंथम टीआर के अनुसार, वन विभाग की टीम द्वारा रात्रि गश्त के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संदिग्ध वाहनों की लगातार जांच की जा रही थी। इसी दौरान नागदा फाटा क्षेत्र में वाहनों की चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली गई।
जांच के दौरान दोनों वाहनों में बड़ी मात्रा में जलाऊ प्रजाति के ताजे गुटके लदे हुए पाए गए। वन अमले ने जब वाहन चालकों से लकड़ी के परिवहन से संबंधित दस्तावेज और अनुमति पत्र प्रस्तुत करने को कहा, तो वे कोई वैध कागजात उपलब्ध नहीं करा सके।
रात्रि का समय होने के कारण वन विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर ही दोनों वाहनों की जब्ती की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद वाहनों को रेशम केंद्र, धार लाकर खड़ा कराया गया। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया गया है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी कहां से लाई जा रही थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
सरदारपुर में नीम की लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा
वन विभाग की दूसरी कार्रवाई सरदारपुर क्षेत्र में की गई। इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर रात्रि गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी जांच की। तलाशी लेने पर ट्रक में बड़ी मात्रा में नीम की लकड़ी भरी हुई मिली।
टीम द्वारा चालक से लकड़ी के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह भी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वन विभाग ने ट्रक को जब्त कर लिया और संबंधित नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किया।
लकड़ी के स्रोत और गंतव्य की जांच जारी
वन विभाग द्वारा जब्त किए गए तीनों वाहनों में मिली लकड़ी के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य की जानकारी जुटाई जा रही है। विभागीय अधिकारी वाहन चालकों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि लकड़ी किस क्षेत्र से काटकर लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में वनोपज के अवैध परिवहन और बिना वैध दस्तावेज लकड़ी ले जाने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। रात्रि गश्त के दौरान संदिग्ध वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
वन अमले की सक्रिय भूमिका
यह संयुक्त कार्रवाई उप वन मंडल अधिकारी सुरेश बरोले के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रभुराम मुछाला, वनपाल एवं परिक्षेत्र सहायक बंगरेड जितेंद्र गौड़, वनपाल मनीष गहलोत, वनरक्षक नर्गेश चौहान, राम सिंह कनेल, आकाश बडेरा और कमल रावत सहित संबंधित परिक्षेत्र के वन कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही।
वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध रूप से वनोपज के परिवहन में लगे लोगों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति और दस्तावेज के वन उपज का परिवहन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
