Dewas में दर्दनाक हादसा: बस की चपेट में आने से महिला की मौत, 7 वर्षीय बच्ची गंभीर घायल
पंप चौराहे पर हुआ हादसा, इलाज के दौरान महिला ने तोड़ा दम
Dewas । शहर के पंप चौराहा क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक 7 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद एक बार फिर तेज रफ्तार बसों और वाहन चालकों की लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, इंदौर से देवास आ रही एक बस से उतरने के दौरान महिला और बच्ची अचानक बस की चपेट में आ गईं। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।
50 वर्षीय निगार खान की हुई मौत
देवास के पंप चौराहा पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल महिला की पहचान 50 वर्षीय निगार खान के रूप में हुई है। हादसे के बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां चिकित्सकों की टीम लगातार उनका उपचार कर रही थी। लेकिन स्थिति अधिक गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना से परिवार में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि निगार खान इंदौर से देवास आई थीं और बस से उतरने के दौरान हादसे का शिकार हो गईं।
वहीं, हादसे में उनके साथ मौजूद 7 वर्षीय बच्ची मरियम भी गंभीर रूप से घायल हुई है। बच्ची के पैर में गंभीर चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तेज रफ्तार बस संचालन और वाहन चालकों की लापरवाही पर चिंता जताई है। नागरिकों ने प्रशासन से यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई की मांग की है।
बस चालक की लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। नागरिकों का कहना है कि शहर में तेज रफ्तार बसों का संचालन चिंता का विषय बनता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि कई बस चालक नियमों की अनदेखी करते हुए वाहन तेज गति से चलाते हैं, जिससे आम लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। नागरिकों का कहना है कि बस स्टैंड, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
लोगों का कहना है कि यात्रियों को उतारते और चढ़ाते समय बस चालकों को पूरी सतर्कता रखनी चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि शहर में चलने वाली बसों की जांच की जाए। बस चालकों के लाइसेंस, वाहन की स्थिति और सुरक्षा नियमों के पालन की समीक्षा की जानी चाहिए।
नागरिकों का कहना है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले से ही प्रभावी कदम उठाने चाहिए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।
तेज रफ्तार बनी चिंता का कारण
देवास शहर में तेज रफ्तार वाहनों को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। आम नागरिकों का कहना है कि सड़कों पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और वाहन संचालकों की जिम्मेदारी है।
लोगों ने मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर जुर्माने के साथ-साथ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
फिलहाल हादसे के बाद पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। वहीं, घायल बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
— संवाददाता: अकदस शेख
