Dewas की पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 मजदूरों की मौत, कई घायल
Dewas । मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में एबी रोड के पास स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार को हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। अचानक हुए धमाके के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। हादसे में अब तक तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 27 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
धमाकों से गूंज उठा इलाका, कई किलोमीटर तक महसूस हुआ कंपन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र में कंपन महसूस किया गया। एक के बाद एक हुए धमाकों से फैक्ट्री का पूरा ढांचा ढह गया और मलबा एबी रोड तक जा पहुंचा।
लोगों ने बताया कि धमाकों की आवाजें इतनी भयावह थीं कि आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग घरों से बाहर निकल आए और दूर से ही आग की लपटें और धुएं का गुबार देखते रहे।
25 से अधिक मजदूर फैक्ट्री में मौजूद थे
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय फैक्ट्री के भीतर करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक लगी आग के बाद अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिल सका।
अब तक 27 घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है। गंभीर रूप से घायल 15 मजदूरों को इंदौर रेफर किया गया है। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
काले धुएं का गुबार और मलबे का बिखराव
हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर से लगातार काले धुएं का घना गुबार उठता रहा, जिसने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे छोटे-छोटे धमाकों के कारण कोई भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फैक्ट्री का टीन शेड कई मीटर दूर जा गिरा और सड़क पर मलबा तथा कुछ मानव अवशेष भी दिखाई दिए, जिससे मौके पर भयावह स्थिति बन गई।
सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल
हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, कई बार शिकायतें मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि बारूद और विस्फोटक सामग्री खुले में रखी जाती थी।
प्रशासन ने शुरू की जांच, राहत कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम, पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। आग पर काबू पाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की विस्तृत जांच की जा रही है।
हरदा हादसे की फिर हुई याद ताजा
देवास की इस घटना ने 6 फरवरी 2024 को हरदा पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं, जिसमें 11 लोगों की मौत और 174 लोग घायल हुए थे।
उस घटना के बाद भी पटाखा फैक्ट्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे, लेकिन एक बार फिर ऐसा हादसा सामने आने से सिस्टम की लापरवाही उजागर हो गई है।
निष्कर्ष
देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुआ यह भीषण विस्फोट न केवल एक औद्योगिक हादसा है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं, जबकि घायलों के परिजन अस्पतालों में अपने अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
