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देवास में स्कूल बसों पर परिवहन विभाग का बड़ा अभियान: 16 बसों पर कार्रवाई, ₹15 हजार का शमन शुल्क वसूला, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्ती

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Published On: 28 July 2026
Transport Department officials inspecting school buses at educational institutions in Dewas during a special safety drive, checking PUC, fitness certificates, and mandatory safety standards under Supreme Court guidelines
— Transport Department officials inspecting school buses at educational institutions in Dewas during a special safety drive, checking PUC, fitness certificates, and mandatory safety standards under Supreme Court guidelines

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देवास में स्कूल बसों पर परिवहन विभाग का बड़ा अभियान: 16 बसों पर कार्रवाई, ₹15 हजार का शमन शुल्क वसूला, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्ती

रिपोर्ट: अकदस शेख, संवाददाता | देवास

देवास जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने मंगलवार को विशेष जांच अभियान चलाया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर जिला परिवहन विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न निजी एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्कूल बसों का व्यापक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान कई बसों में सुरक्षा संबंधी कमियां और दस्तावेजों में अनियमितताएं सामने आने पर 16 स्कूल बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए कुल ₹15,000 का शमन शुल्क वसूला गया।

परिवहन विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी लगातार निरीक्षण जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर वाहन जब्त करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

कलेक्टर के निर्देश पर चला विशेष जांच अभियान

जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई गई है। इसी क्रम में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी स्कूल बसों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।

निर्देशों के पालन में जिला परिवहन अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर स्कूल बसों का निरीक्षण किया। इस दौरान बसों के तकनीकी मानकों, सुरक्षा उपकरणों तथा वैधानिक दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

इन शिक्षण संस्थानों की बसों का हुआ निरीक्षण

परिवहन विभाग की टीम ने शहर के कई प्रमुख विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर स्कूल वाहनों की जांच की। जिन संस्थानों की बसों का निरीक्षण किया गया, उनमें प्रमुख रूप से—

  • बीसीएम स्कूल
  • किंडर स्कूल
  • यूनानी कॉलेज
  • चैतन्य टेक्नो स्कूल
  • अन्य निजी एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्कूल बसें

शामिल रहीं।

निरीक्षण के दौरान प्रत्येक बस का अलग-अलग परीक्षण किया गया तथा आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार हुई जांच

परिवहन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूल वाहनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप की गई। निरीक्षण के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया—

  • वाहन का वैध फिटनेस प्रमाण पत्र
  • प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC)
  • वैध बीमा
  • वाहन का पंजीयन
  • परमिट एवं टैक्स संबंधी दस्तावेज
  • अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता
  • फर्स्ट एड बॉक्स
  • आपातकालीन निकास द्वार
  • स्पीड गवर्नर की स्थिति
  • स्कूल बस पर निर्धारित रंग एवं पहचान चिन्ह
  • चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस
  • चालक एवं परिचालक का सत्यापन
  • बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक अन्य प्रबंध

जांच के दौरान जिन बसों में इन मानकों का पालन नहीं पाया गया, उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की गई।

16 बसों पर चालानी कार्रवाई

निरीक्षण अभियान के दौरान कुल 16 स्कूल बसों में विभिन्न प्रकार की कमियां पाई गईं। इनमें दस्तावेजों की कमी, सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता तथा अन्य तकनीकी अनियमितताएं शामिल थीं।

इन सभी मामलों में परिवहन विभाग ने मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित बस संचालकों से कुल ₹15,000 का शमन शुल्क वसूला।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित संचालकों को कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला प्रशासन का मानना है कि स्कूल बसें प्रतिदिन हजारों विद्यार्थियों को घर से विद्यालय और विद्यालय से घर तक सुरक्षित पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है तो दुर्घटना की स्थिति में गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

इसी कारण परिवहन विभाग प्रत्येक बस की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच कर रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही समय रहते रोकी जा सके।

विशेषज्ञों का भी कहना है कि नियमित निरीक्षण से स्कूल संचालकों में जवाबदेही बढ़ती है और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

दस्तावेजों की नियमित जांच होगी

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे विशेष जांच अभियान समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे। सभी स्कूल संचालकों एवं वाहन मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने वाहनों के सभी दस्तावेज समय पर अपडेट रखें।

विशेष रूप से निम्न दस्तावेजों को अद्यतन रखना आवश्यक बताया गया है—

  • फिटनेस प्रमाण पत्र
  • परमिट
  • बीमा
  • प्रदूषण प्रमाण पत्र
  • टैक्स भुगतान
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • चालक का पुलिस सत्यापन

इन दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा मानकों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

परिवहन विभाग ने कहा है कि स्कूल बसों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य है। यदि किसी वाहन में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास अथवा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं पाए जाते हैं तो संबंधित संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

जिला परिवहन अधिकारी की अपील

जिला परिवहन अधिकारी ने जिले के सभी स्कूल बस संचालकों, निजी शिक्षण संस्थानों तथा यात्री वाहन संचालकों से अपील करते हुए कहा कि वे मोटरयान अधिनियम के सभी नियमों का पूर्ण पालन करें।

उन्होंने कहा कि सभी वाहन संचालक अपने वाहनों के वैधानिक दस्तावेजों को समय पर नवीनीकृत कराएं तथा सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें। इससे न केवल कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकेगा बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में यदि किसी स्कूल बस में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमी या दस्तावेजों में अनियमितता पाई जाती है तो केवल चालान ही नहीं बल्कि आवश्यक होने पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सभी स्कूल संचालकों से अपेक्षा की गई है कि वे परिवहन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपने वाहनों को पूरी तरह सुरक्षित एवं नियमों के अनुरूप संचालित करें।

अभिभावकों से भी सहयोग की अपील

प्रशासन ने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें किसी स्कूल बस में सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई देती है, जैसे क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना, चालक द्वारा लापरवाही से वाहन चलाना, सुरक्षा उपकरणों का अभाव या अन्य कोई अनियमितता, तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित स्कूल प्रबंधन या परिवहन विभाग को दें।

प्रशासन का मानना है कि स्कूल, अभिभावक और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से ही विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।

निष्कर्ष

देवास में परिवहन विभाग द्वारा चलाया गया यह विशेष जांच अभियान स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। 16 स्कूल बसों पर कार्रवाई और ₹15 हजार का शमन शुल्क वसूलना स्पष्ट संकेत है कि अब सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई के साथ-साथ वाहन जब्ती जैसी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

 

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