कोतमा नगर में उमड़ा आस्था का सैलाब, भव्य कावड़ यात्रा में गूंजे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे
संवाददाता: अभिषेक द्विवेदी
कोतमा। सावन मास के पावन अवसर पर कोतमा नगर बुधवार को भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आया। पुरानी बस्ती के वार्ड क्रमांक 5 स्थित शिव सागर धाम से 26 अगस्त 2026 को भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता से निकली इस धार्मिक यात्रा के दौरान पूरा नगर ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयकारों से गूंज उठा। कावड़ यात्रा में भक्ति के साथ अनुशासन और भारतीय धार्मिक परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला।
सुबह करीब 11 बजे शिव सागर धाम से कावड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा में महिलाएं, पुरुष, युवा और अन्य श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। एक समान पारंपरिक वेशभूषा में चल रहे श्रद्धालुओं ने यात्रा को विशेष स्वरूप प्रदान किया। नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरती कावड़ यात्रा जहां भी पहुंची, वहां धार्मिक और उत्सवी माहौल बन गया।
पीली वेशभूषा में श्रद्धालुओं ने खींचा ध्यान

कावड़ यात्रा की प्रमुख विशेषताओं में श्रद्धालुओं की पारंपरिक और एक जैसी वेशभूषा रही। यात्रा में शामिल महिलाएं पीली साड़ियों में दिखाई दीं, जबकि पुरुष और युवा पीले कुर्ते-पैजामे पहनकर शामिल हुए। पीले रंग की वेशभूषा में एक साथ आगे बढ़ते श्रद्धालुओं का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा।
यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं का उत्साह और भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था यात्रा के दौरान साफ दिखाई दी।
शिव सागर धाम से शुरू हुई भव्य कावड़ यात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कावड़ यात्रा पुरानी बस्ती वार्ड क्रमांक 5 स्थित शिव सागर धाम से प्रारंभ हुई। यहां श्रद्धालुओं के एकत्रित होने के बाद धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
यात्रा के आगे बढ़ते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते गए। मार्ग में शिवभक्त भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हुए चल रहे थे। यात्रा के कारण नगर के प्रमुख क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह दिखाई दिया।
कावड़ यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का संदेश भी दिया।
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा
शिव सागर धाम से प्रारंभ हुई कावड़ यात्रा कोतमा नगर के कई प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा जकीरा चौक, पुराना स्टेट बैंक चौक, धर्मशाला मंदिर, आदिशक्ति पंचायती मंदिर, महावीर मार्ग और गांधी चौक से होते हुए शारदा मंदिर पहुंची।
इसके बाद मुखर्जी चौक और बस स्टैंड सहित नगर के अन्य हिस्सों से होते हुए यात्रा ने बस्ती का भ्रमण किया। प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी और शिवभक्ति के जयकारों से माहौल धार्मिक रंग में रंग गया।
नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना रहा। यात्रा में शामिल लोगों ने सामूहिक रूप से भगवान शिव का स्मरण करते हुए धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का परिचय दिया।
‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा कोतमा
कावड़ यात्रा के दौरान सबसे अधिक आकर्षण भगवान भोलेनाथ के जयकारों का रहा। शिवभक्त पूरे मार्ग में ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ का उद्घोष करते रहे। इससे नगर में शिवभक्ति का विशेष वातावरण निर्मित हो गया।
सावन मास में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने कावड़ यात्रा में हिस्सा लिया। बच्चे और युवा भी धार्मिक उत्साह के साथ यात्रा में शामिल नजर आए।
यात्रा के दौरान अनुशासन का भी विशेष ध्यान रखा गया। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता के बावजूद श्रद्धालु व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ते रहे।
शिव सागर धाम पहुंचकर हुआ यात्रा का समापन
नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करने के बाद कावड़ यात्रा पुनः शिव सागर धाम पहुंची। यहां पहुंचने के साथ ही यात्रा का धार्मिक अनुष्ठानों के बीच समापन किया गया।
मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भगवान शिव की आराधना और जयकारों से मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
जलाभिषेक के बाद महाप्रसाद और विशाल भंडारा

धार्मिक अनुष्ठान और भगवान भोलेनाथ के विशेष पूजन के बाद शिव सागर धाम में श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिली। आयोजन से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और प्रसाद वितरण के लिए व्यवस्थाएं संभालीं। सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण करने के दौरान सामाजिक सद्भाव का भी सुंदर दृश्य देखने को मिला।
धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास में डूबा नगर
भव्य कावड़ यात्रा ने कोतमा में सावन की धार्मिक आस्था को और मजबूत कर दिया। सुबह शिव सागर धाम से यात्रा के शुभारंभ से लेकर नगर भ्रमण, जलाभिषेक और भंडारे तक पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा।
एक समान पारंपरिक वेशभूषा, भगवान शिव के जयकारे और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। कावड़ यात्रा के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ आपसी एकता और सामाजिक समरसता का संदेश भी सामने आया।
शिव सागर धाम में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और महाप्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान कोतमा नगर शिवभक्ति के रंग में रंगा रहा और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे वातावरण में गूंजते रहे।
