व्यावसायिक गरबा आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाददाता : प्रमोद कुमार जैन
धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन बचाओ मंच ने उठाई मांग
Nagda। नवरात्रि पर्व के दौरान आयोजित होने वाले व्यावसायिक गरबा आयोजनों को लेकर धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन बचाओ मंच ने विरोध जताया है। मंच की ओर से शुक्रवार को एसडीएम रंजना पाटीदार को ज्ञापन सौंपकर व्यावसायिक गरबा आयोजनों की अनुमति पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और यदि किसी आयोजन को अनुमति दी जा चुकी है तो उसे निरस्त करने की मांग की गई।
नवरात्रि की धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा का मुद्दा
ज्ञापन में मंच ने कहा कि नवरात्रि केवल मनोरंजन या उत्सव का पर्व नहीं है, बल्कि मां शक्ति की आराधना, आस्था, संस्कार और सनातन संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। मंच का आरोप है कि कुछ स्थानों पर पारंपरिक धार्मिक गरबा आयोजनों की आड़ में व्यावसायिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पर्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा प्रभावित होने की आशंका है।
अशोभनीय गतिविधियों और अव्यवस्थाओं पर जताई चिंता
मंच ने कुछ आयोजनों में बढ़ती भीड़, अशोभनीय प्रदर्शन, अनुचित पहनावे और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि बड़ी संख्या में अपरिचित लोगों की मौजूदगी और प्रवेश करने वाले व्यक्तियों की पर्याप्त पहचान नहीं होने से कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
मंच ने प्रशासन से मांग की कि गरबा आयोजनों में प्रवेश व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए और आयोजन स्थल पर आने वाले लोगों की सुरक्षा एवं गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
नशाखोरी पर सख्त कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में गरबा पंडालों और उनके आसपास नशाखोरी तथा मादक पदार्थों के सेवन की शिकायतों पर भी कार्रवाई की मांग की गई। मंच ने कहा कि यदि किसी आयोजन स्थल पर नशाखोरी या अमर्यादित गतिविधियां सामने आती हैं तो केवल संबंधित व्यक्तियों पर ही नहीं, बल्कि आयोजन की जिम्मेदारी संभालने वाले आयोजकों के खिलाफ भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा पर जोर
धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन बचाओ मंच ने कहा कि नवरात्रि के दौरान महिलाओं, युवतियों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। मंच का कहना है कि धार्मिक आयोजनों में ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में गरबा और माता की आराधना कर सकें।
मंच ने प्रशासन से अपील की कि आयोजन की अनुमति देने से पहले सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, पहचान सत्यापन और धार्मिक-सांस्कृतिक मर्यादा से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाए।
अनुमति निरस्त करने की मांग
ज्ञापन के अंत में मंच ने प्रशासन से व्यावसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं देने की मांग दोहराई। साथ ही जिन आयोजनों को अनुमति पहले ही दी जा चुकी है, उनकी समीक्षा कर आवश्यकता पड़ने पर अनुमति निरस्त करने की मांग की गई।
मंच ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य नवरात्रि के धार्मिक स्वरूप और सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखना है। संगठन ने कहा कि माताओं-बहनों और बेटियों की सुरक्षा, युवाओं के संस्कार तथा धार्मिक मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
