महाकाल लोक उज्जैन–इंदौर से पालीताणा (भावनगर) तक सीधी ट्रेन की मांग तेज, रेल मंत्री को भेजा गया ज्ञापन; तीर्थयात्रियों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को मिलेगा बड़ा लाभ
संवाददाता – अर्जुन कुमावत पिपलोदा
जावरा। मध्य प्रदेश के मालवा अंचल से गुजरात के विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ श्री शत्रुंजय गिरिराज पालीताणा (भावनगर) तक सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। जैन समाज, व्यापारिक संगठनों और आम यात्रियों की वर्षों पुरानी इस मांग को आगे बढ़ाते हुए युवक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इंदौर–उज्जैन (महाकाल लोक)–भावनगर के बीच नई सीधी ट्रेन शुरू करने की मांग की है।
दसेड़ा ने अपने पत्र में कहा है कि यह रेल सेवा केवल धार्मिक यात्राओं को ही सुगम नहीं बनाएगी, बल्कि मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्रों में भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। उनका कहना है कि यदि यह ट्रेन शुरू होती है तो लाखों यात्रियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण जन-आवश्यकता पूरी होगी।
रेल मंत्री तक पहुंचाया गया मांग पत्र
युवक महासंघ द्वारा तैयार किया गया यह मांग पत्र इंटरनेशनल चेयरमैन एवं भारत सरकार के राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी (अहमदाबाद) के माध्यम से रेल मंत्रालय तक पहुंचाया गया।
इस दौरान संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद बरबोटा (उज्जैन), राष्ट्रीय महामंत्री सुनील गांग (इंदौर), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निलेश सकलेचा (इंदौर), राष्ट्रीय मंत्री नरेंद्र बाफना (उज्जैन) तथा युवक महासंघ रतलाम इकाई के सचिव जितेंद्र चोपड़ा (रतलाम) प्रमुख रूप से शामिल रहे।
संगठन के प्रतिनिधियों ने रेल मंत्रालय से आग्रह किया कि इस प्रस्ताव को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान कर जल्द से जल्द नई रेल सेवा प्रारंभ की जाए।
शत्रुंजय गिरिराज पालीताणा जैन समाज का सर्वोच्च तीर्थ
अनिल दसेड़ा ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि गुजरात के भावनगर जिले में स्थित श्री शत्रुंजय गिरिराज पालीताणा विश्वभर के जैन श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन और धार्मिक साधना के लिए पहुंचते हैं।
मध्य प्रदेश के मालवा अंचल—विशेष रूप से इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच और आसपास के जिलों—से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पालीताणा की यात्रा करते हैं। इसके बावजूद आज तक इन क्षेत्रों से भावनगर या पालीताणा के लिए कोई सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है।
यात्रियों को कई बार बदलनी पड़ती हैं ट्रेनें
वर्तमान समय में पालीताणा या भावनगर जाने वाले यात्रियों को अहमदाबाद, बड़ौदा या अन्य स्टेशनों पर ट्रेन बदलनी पड़ती है। कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे यात्रा कठिन और समय लेने वाली हो जाती है।
विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों को इस दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई यात्रियों को रातभर स्टेशनों पर रुकना पड़ता है या अलग-अलग ट्रेनों के समय का इंतजार करना पड़ता है।
दसेड़ा ने कहा कि यदि इंदौर–उज्जैन–भावनगर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होती है, तो यात्रियों का समय बचेगा, यात्रा अधिक सुरक्षित होगी और अतिरिक्त आर्थिक खर्च भी कम होगा।
महाकाल लोक और पालीताणा के बीच बनेगा धार्मिक कॉरिडोर
मांग पत्र में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया है कि उज्जैन स्थित महाकाल लोक और गुजरात के पालीताणा दोनों देश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र हैं।
यदि इन दोनों तीर्थस्थलों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होता है तो धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी मजबूत होगा तथा दोनों राज्यों की धार्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होने से होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार और छोटे व्यवसायों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।
व्यापार और उद्योग को मिलेगा नया विस्तार
अनिल दसेड़ा ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच वर्षों से मजबूत व्यापारिक संबंध रहे हैं। मालवा क्षेत्र के अनेक व्यापारी नियमित रूप से गुजरात के विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं।
यदि सीधी रेल सेवा उपलब्ध हो जाती है तो व्यापारियों का समय और परिवहन लागत दोनों कम होंगे। इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और दोनों राज्यों के उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि बेहतर रेल संपर्क से निवेश, औद्योगिक सहयोग और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
विद्यार्थियों को होगी बड़ी सुविधा
मालवा क्षेत्र के अनेक विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए अहमदाबाद, वडोदरा (बड़ौदा) तथा गुजरात के अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन करते हैं।
फिलहाल उन्हें कई ट्रेनों के माध्यम से यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों अधिक खर्च होते हैं। नई सीधी ट्रेन शुरू होने पर विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा।
संगठन का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में यह रेल सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मरीजों को भी मिलेगा राहतभरा सफर
गुजरात के अनेक अस्पताल देशभर में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध हैं। मध्य प्रदेश के कई गंभीर मरीज इलाज के लिए अहमदाबाद और भावनगर सहित गुजरात के विभिन्न शहरों में जाते हैं।
वर्तमान व्यवस्था में मरीजों और उनके परिजनों को बार-बार ट्रेन बदलने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सीधी रेल सेवा शुरू होने से मरीजों की यात्रा अधिक आरामदायक होगी तथा इलाज तक पहुंचने में लगने वाला समय भी कम होगा।
श्रमिक वर्ग के लिए भी होगी उपयोगी
मालवा क्षेत्र के हजारों श्रमिक रोजगार के लिए गुजरात के औद्योगिक शहरों में कार्यरत हैं। भावनगर सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में मध्य प्रदेश के बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं।
सीधी रेल सेवा शुरू होने से उन्हें अपने घर और कार्यस्थल के बीच आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इससे उनके समय और यात्रा व्यय दोनों में कमी आएगी।
कई जिलों के यात्रियों को होगा सीधा लाभ
प्रस्तावित रेल सेवा का लाभ केवल इंदौर या उज्जैन तक सीमित नहीं रहेगा। यदि यह ट्रेन शुरू होती है तो मध्य प्रदेश के अनेक जिलों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
इनमें प्रमुख रूप से—
- इंदौर
- उज्जैन
- देवास
- सीहोर
- शाजापुर
- रतलाम
- मंदसौर
- नीमच
- झाबुआ
के साथ-साथ गुजरात के दाहोद, गोधरा, भावनगर तथा राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और निंबाहेड़ा क्षेत्रों के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय लेने की मांग
अनिल दसेड़ा ने रेल मंत्री से आग्रह किया कि यह मांग केवल किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि लाखों यात्रियों की जनभावना से जुड़ी हुई है। इसलिए जनहित और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए इस रेल सेवा को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि सीधी ट्रेन शुरू होने से धार्मिक यात्राएं आसान होंगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार मजबूत होगा, विद्यार्थियों और मरीजों को सुविधा मिलेगी तथा श्रमिक वर्ग को भी राहत प्राप्त होगी।
वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद
मालवा क्षेत्र के नागरिक लंबे समय से इंदौर–उज्जैन–भावनगर सीधी रेल सेवा की मांग करते आ रहे हैं। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने समय-समय पर रेलवे प्रशासन के समक्ष यह मांग उठाई है।
अब युवक महासंघ द्वारा रेल मंत्री को भेजे गए इस विस्तृत मांग पत्र के बाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि रेलवे मंत्रालय इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करेगा।
यदि यह रेल सेवा प्रारंभ होती है तो यह केवल एक नई ट्रेन नहीं होगी, बल्कि मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। साथ ही महाकाल लोक और पालीताणा जैसे दो प्रमुख आस्था केंद्रों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने से लाखों श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग भी पूरी हो सकेगी।
