थप्पड़ विवाद में मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR, AAP विधायक जरनैल सिंह पर FIR
दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान हुए थप्पड़ विवाद में पुलिस ने मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज की है। साहिब सिंह नामक व्यक्ति ने उन पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 के तहत NCR दर्ज की गई। इसी विवाद से जुड़ी PWD इंजीनियरों की शिकायत पर आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
सड़क निरीक्षण के दौरान क्या हुआ?
यह विवाद पश्चिमी दिल्ली में सड़क के निरीक्षण के दौरान शुरू हुआ। मौके पर हुई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला सार्वजनिक चर्चा में आया। साहिब सिंह का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान प्रवेश वर्मा ने उन्हें थप्पड़ मारा। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत NCR दर्ज की है।
वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। शिकायतकर्ता के आरोप और मंत्री के पक्ष को जांच से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। पुलिस को घटना के समय मौजूद लोगों के बयान, उपलब्ध वीडियो और अन्य सामग्री के आधार पर यह स्पष्ट करना होगा कि मौके पर क्या हुआ था।
प्रवेश वर्मा ने क्या कहा?
मंत्री प्रवेश वर्मा ने विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि मौके पर उनके और उनके परिवार के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ था। उन्होंने सड़क निर्माण के काम को लेकर विधायक जरनैल सिंह पर भी आरोप लगाए हैं। ये वर्मा के दावे हैं; उपलब्ध जानकारी में इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ता का आरोप और मंत्री का जवाब, दोनों पुलिस के सामने आए अलग-अलग पक्ष हैं।
घटना से जुड़े सवाल केवल कथित थप्पड़ तक सीमित नहीं रहे। सड़क के निरीक्षण के दौरान हुई कहासुनी, मौके पर मौजूद लोगों का व्यवहार और PWD के इंजीनियरों की शिकायत भी इस विवाद का हिस्सा बन गई है। इन शिकायतों में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी, इसका स्पष्ट जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।
PWD इंजीनियरों की शिकायत पर FIR
PWD के इंजीनियरों की शिकायत के आधार पर AAP विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर है। हालांकि, उपलब्ध खबरों में इस FIR की धाराओं और उसमें दर्ज पूरे आरोपों का विवरण स्पष्ट नहीं है। एक अन्य रिपोर्ट में PWD के सहायक इंजीनियर की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इसलिए FIR में दर्ज नाम और आरोपों के बारे में पुलिस रिकॉर्ड से पुष्टि जरूरी है।
इस मामले में दो अलग शिकायतों का उल्लेख सामने आया है। पहली शिकायत साहिब सिंह ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ थप्पड़ मारने के आरोप में दी। दूसरी शिकायत PWD इंजीनियरों की ओर से दी गई है। दोनों शिकायतों को एक ही आरोप के रूप में देखना सही नहीं होगा। पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया संबंधित शिकायत तथा उसमें दर्ज आरोपों के अनुसार तय होगी।
NCR और FIR में क्या अंतर है?
प्रवेश वर्मा के खिलाफ दर्ज NCR को FIR समझने से मामले की स्थिति को लेकर भ्रम हो सकता है। NCR गैर-संज्ञेय मामले में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया है। ऐसे मामले में पुलिस को जांच शुरू करने के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति की आवश्यकता होती है। FIR की प्रक्रिया इससे अलग है। किसी व्यक्ति के खिलाफ NCR या FIR दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि उस पर लगा आरोप साबित हो गया है।
आगे क्या होगा?
घटना के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग उठाई थी। दूसरी ओर, मंत्री ने मौके पर हुए व्यवहार को लेकर अपना पक्ष रखा है। अब शिकायतों में दर्ज आरोपों, वीडियो और संबंधित लोगों के बयानों की जांच से ही घटना का क्रम स्पष्ट होगा। PWD इंजीनियरों की शिकायत पर दर्ज FIR का पूरा आधिकारिक विवरण सामने आने से यह भी साफ होगा कि उसमें किन लोगों के नाम और कौन से आरोप दर्ज हैं। तब तक सभी पक्षों के दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
