—Advertisement—

Delhi Police ने 4 आतंकियों को गिरफ्तार कर राम मंदिर और संसद भवन पर हमले की बड़ी साजिश को नाकाम किया

Author Picture
Published On: 18 April 2026
Delhi Police ने 4 आतंकियों को गिरफ्तार कर राम मंदिर और संसद भवन पर हमले की बड़ी साजिश को नाकाम किया

—Advertisement—

देश को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम, 

Delhi Police की स्पेशल सेल ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए देश को दहलाने की योजना को नाकाम कर दिया है। इस कार्रवाई में चार अलग-अलग राज्यों—उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार—से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो देश के प्रमुख धार्मिक और संवैधानिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहा था।

4 राज्यों में एक साथ हुई गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर एक साथ कई राज्यों में छापेमारी की। इस ऑपरेशन में जिन चार आतंकियों को गिरफ्तार किया गया, उनकी पहचान इस प्रकार है—

  • मोसैब अहमद उर्फ सोनू (आजमगढ़, उत्तर प्रदेश)
  • मोहम्मद हम्माद (मुंबई, महाराष्ट्र)
  • शेख इमरान (भुवनेश्वर, ओडिशा)
  • मोहम्मद सोहेल (कटिहार, बिहार)

इन सभी को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया और इनके पास से आईईडी (Improvised Explosive Device) सहित बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद किया गया है।

राम मंदिर और संसद भवन थे मुख्य निशाने पर

जांच में सामने आया है कि यह आतंकी मॉड्यूल देश के कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहा था। इनमें अयोध्या का राम मंदिर, दिल्ली का संसद भवन, लाल किला और कुछ प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठान शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, यह समूह देश की सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहा था और एक साथ कई जगहों पर हमले की योजना बना रहा था।

सोशल मीडिया से फैलाया जा रहा था नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मॉड्यूल सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय था। आरोपी विभिन्न ऑनलाइन ग्रुप्स में जुड़े हुए थे और वहीं से ‘डिजिटल स्लीपर सेल’ तैयार किया जा रहा था।

इन ग्रुप्स में युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस को चैट्स से कई चौंकाने वाले खुलासे मिले हैं, जिनमें बम बनाने की तकनीक और साजिश से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही थी।

‘खिलौना बम’ बनाने की साजिश का खुलासा

दिल्ली पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आतंकी छोटे और साधारण दिखने वाले उपकरणों को हथियार बनाने की योजना पर काम कर रहे थे।

इनके द्वारा तैयार किए जा रहे बम में खिलौना कार, रिमोट कंट्रोल, बाल बेयरिंग और कीलों जैसे सामान का उपयोग किया जा रहा था। इस तरह के विस्फोटक को ‘खिलौना बम’ का नाम दिया गया था, जिससे इन्हें आसानी से छुपाया जा सके और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दिया जा सके।

संवेदनशील इलाकों की की गई रेकी

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने दिल्ली और अन्य शहरों के कई संवेदनशील इलाकों की रेकी की थी। शेख इमरान ने दिसंबर 2025 में दिल्ली के कई महत्वपूर्ण स्थानों का सर्वे किया था।

इसके अलावा, सोशल मीडिया पर लाल किले की एक एडिट की गई तस्वीर भी पोस्ट की गई थी, जिसमें भारत के तिरंगे की जगह काले झंडे का इस्तेमाल किया गया था। यह उनकी कट्टर सोच को दर्शाता है।

कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे आरोपी

पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी ‘जिहाद’ और ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसी कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित थे। ये लोग न केवल खुद इस सोच में शामिल थे, बल्कि अन्य युवाओं को भी इसमें शामिल करने की कोशिश कर रहे थे।

इनका उद्देश्य एक बड़ा नेटवर्क बनाकर देश में अस्थिरता फैलाना था।

डिजिटल साक्ष्यों से बड़ा खुलासा

पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस से कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। इनसे पता चला है कि यह समूह न केवल बम बनाने की ट्रेनिंग दे रहा था, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की रणनीति भी तैयार कर रहा था।

जांच एजेंसियां अब इनके नेटवर्क और फंडिंग स्रोतों की गहराई से जांच कर रही हैं।

युवाओं का ब्रेनवॉश करने की कोशिश

स्पेशल सेल के अनुसार, यह आतंकी मॉड्यूल सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था।

इनका उद्देश्य कमजोर मानसिक स्थिति वाले युवाओं को भड़काकर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करना था।

Delhi Police की बड़ी सफलता

दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। समय रहते इस साजिश का खुलासा होने से एक बड़े खतरे को टाल दिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि अगर यह मॉड्यूल सक्रिय रहता तो देश के कई बड़े और संवेदनशील स्थानों पर हमले की आशंका थी।

जांच अभी जारी

फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके पीछे कौन सा बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है और इन्हें फंडिंग कहां से मिल रही थी।

सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रही हैं और देशभर में अन्य संभावित संदिग्धों की तलाश भी जारी है।

निष्कर्ष

देश को दहलाने की इस साजिश का समय रहते भंडाफोड़ होना सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि है। चार राज्यों से गिरफ्तार इन आतंकियों ने जिस तरह का नेटवर्क तैयार किया था, वह बेहद खतरनाक था।

राम मंदिर, संसद भवन और अन्य संवेदनशील स्थलों को निशाना बनाने की योजना देश की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती थी, लेकिन दिल्ली पुलिस की सतर्कता से यह खतरा टल गया।

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली कट्टरपंथी सोच कितनी खतरनाक हो सकती है और समय रहते ऐसे नेटवर्क को रोकना कितना जरूरी है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp