दिल्ली और बॉम्बे हाईकोर्ट में शुक्रवार को बम की धमकी का ईमेल भेजा गया, जिसमें कहा गया था कि कोर्ट रूम में तीन बम रखे गए हैं। ईमेल में धमकी दी गई थी कि कोर्ट परिसर को दोपहर 2 बजे तक खाली कर दिया जाए। इस सूचना के बाद, दोनों कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और बम स्क्वॉड ने तलाशी ली, लेकिन कोई बम नहीं मिला।
दिल्ली हाईकोर्ट को भेजे गए ईमेल में लिखा था कि पवित्र शुक्रवार के अवसर पर विस्फोट किए जाने की योजना है। इसके कुछ समय बाद ही बॉम्बे हाईकोर्ट में भी इसी तरह की धमकी दी गई। दोनों स्थानों पर सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई की और सभी उपस्थित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बिहार में बम धमाकों की चेतावनी
दिल्ली और मुंबई के अलावा, बिहार में भी बम धमाकों की चेतावनी दी गई है। यहां एक ईमेल में कहा गया है कि 12 सितंबर को शाम 4 बजे बम विस्फोट होंगे। इस सूचना के बाद, बिहार के सभी जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता बरती जा रही है।
बिहार के ADG लॉ एंड ऑर्डर पंकज दराद ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे भीड़-भाड़ वाले स्थानों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। यह कदम राज्य में सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
ईमेल में गंभीर आरोप और धमकियाँ
ईमेल में यह भी कहा गया था कि एक युवा शिया मुस्लिम डॉ. शाह फैसल ने पाकिस्तान की आईएसआई के साथ संपर्क स्थापित किया है। इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले विस्फोटों को दोहराने की योजना है। यह ईमेल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें गंभीर आरोप और धमकियाँ शामिल थीं।
पुलिस ने इस ईमेल की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ समाज में भय फैलाने के लिए की जाती हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं।
पिछले बम धमकी के मामलों का संदर्भ
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली और बिहार में बम की धमकी मिली है। हाल ही में, दिल्ली के कई स्कूलों को भी बम की धमकी मिली थी, जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों में भय का माहौल बना था। पिछले महीने, दिल्ली के करीब 50 स्कूलों को इसी तरह की धमकियाँ मिली थीं, लेकिन जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिला था।
पुलिस ने कहा है कि इस प्रकार की धमकियाँ समाज में भय फैलाने के लिए होती हैं। हालाँकि, सुरक्षा एजेंसियाँ इन मामलों को गंभीरता से ले रही हैं और सभी आवश्यक कदम उठा रही हैं।
