नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदित राज एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए दिल्ली के लाल किला के पास हुए विस्फोट को शुरुआती तौर पर ‘आतंकियों का जलवा’ बताया। हालांकि बाद में उन्होंने अपने शब्दों को संशोधित करते हुए इसे आतंकी गतिविधि कहा।
उदित राज ने यह टिप्पणी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान का समर्थन करते हुए मीडिया से बातचीत में की। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
10 नवंबर का लाल किला ब्लास्ट :

दिल्ली के लाल किला के पास 10 नवंबर को एक कार में जबरदस्त विस्फोट हुआ था। इस घटना में लगभग 15 लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे फिदायीन हमला बताया। जांच में फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ कनेक्शन सामने आए। सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहनता से जांच में लगी हैं।
सियासत में भूचाल :

उदित राज के बयान ने राजनीतिक हलकों में विवाद पैदा कर दिया है। शुरुआती बयान और बाद में शब्दों की सफाई से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपने शब्दों को संभालने की कोशिश की, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक दलों ने इस पर गहरी प्रतिक्रिया दी है।
उदित राज ने कहा कि उनका उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना था, लेकिन शब्दों के चयन ने चर्चा का केंद्र बना दिया।
