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Delhi में बड़ी साजिश नाकाम: ब्लास्ट से पहले पकड़े गए 2 फिदायीन, सोशल मीडिया से जुड़ा खतरनाक नेटवर्क उजागर

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Published On: 23 April 2026
Delhi में बड़ी साजिश नाकाम: ब्लास्ट से पहले पकड़े गए 2 फिदायीन, सोशल मीडिया से जुड़ा खतरनाक नेटवर्क उजागर

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दिल्ली में बड़ी साजिश नाकाम: ब्लास्ट से पहले पकड़े गए दो फिदायीन, सोशल मीडिया से जुड़ा खतरनाक नेटवर्क उजागर

देश की राजधानी नई Delhi में एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में दो संदिग्ध फिदायीन शूटरों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित रूप से एक बड़े हमले की योजना बना रहे थे। यह खुलासा न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भटकाया जा रहा है।

साजिश का पर्दाफाश

जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आरोपियों का लक्ष्य राजधानी में एक होटल पर फायरिंग और संभावित ग्रेनेड हमला करना था। लेकिन इससे पहले कि वे अपने मिशन को अंजाम देते, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

इस पूरे ऑपरेशन ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो सीमा पार से संचालित हो रहा था और भारत में युवाओं को हिंसक गतिविधियों के लिए तैयार कर रहा था।

डबरा से दिल्ली तक का सफर

इस मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों युवक डबरा क्षेत्र के रहने वाले हैं:

  • विवेक बंजारा (19)
  • राजवीर सिंह (21)

राजवीर को सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाने का शौक था। यही शौक उसे अपराध की दुनिया में ले गया। उसकी रील्स पर नजर पड़ने के बाद एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया, जिसने खुद को “राणा भाई” बताया।

सोशल मीडिया से ब्रेनवॉश

जांच में सामने आया है कि आरोपियों को पहले सोशल मीडिया के जरिए प्रभावित किया गया। उन्हें पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी की आलीशान जिंदगी और गैंग के प्रभाव के वीडियो दिखाए गए।

उन्हें लालच दिया गया:

  • मोटी रकम
  • विदेशी जीवनशैली
  • काम के बाद कनाडा में बसाने का वादा

धीरे-धीरे उन्हें “हाइब्रिड शूटर” के रूप में तैयार किया गया।

हथियार और ट्रेनिंग का नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि:

  • राजवीर को अहमदाबाद बुलाया गया
  • वहां उसे पिस्टल और 20 राउंड गोलियां दी गईं
  • बाद में उसने अपने दोस्त विवेक को भी इस नेटवर्क में शामिल किया

दोनों को जीरकपुर (मोहाली के पास) भेजा गया, जहां उन्हें एक कारोबारी पर फायरिंग करनी थी। हालांकि, तकनीकी खराबी के कारण पिस्टल नहीं चली और हमला टल गया।

दिल्ली में बड़ा हमला था लक्ष्य

इसके बाद दोनों आरोपियों को नई दिल्ली में एक होटल पर हमला करने का निर्देश मिला।

योजना में शामिल था:

  • होटल में फायरिंग
  • ग्रेनेड हमला

लेकिन एजेंसियों की सतर्कता के चलते यह साजिश सफल नहीं हो सकी।

गिरफ्तारी कैसे हुई

खुफिया एजेंसियां पहले से इन दोनों पर नजर रख रही थीं। जैसे ही उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, कार्रवाई तेज कर दी गई।

  • राजवीर को सराय काले खां से गिरफ्तार किया गया
  • विवेक भागकर वापस डबरा पहुंचा, जहां उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया

इस तरह एक बड़ी घटना होने से पहले ही टाल दी गई।

कौन है शहजाद भट्टी?

जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड शहजाद भट्टी है।

  • वह एक कुख्यात अंतरराष्ट्रीय अपराधी है
  • दुबई और पाकिस्तान से नेटवर्क संचालित करता है
  • पाकिस्तान के अंडरवर्ल्ड डॉन फारूक खोकर का करीबी माना जाता है
  • कथित तौर पर ISI से जुड़े होने के आरोप

भट्टी भारत में टारगेट किलिंग और आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा था।

नया खतरा: हाइब्रिड शूटर

इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नया खतरा उजागर किया है—“हाइब्रिड शूटर”।

इनकी खासियत:

  • आम युवक, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं
  • सोशल मीडिया के जरिए भर्ती
  • अचानक हिंसक गतिविधियों में शामिल

यह मॉडल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

सोशल मीडिया की भूमिका

इस केस में सोशल मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही:

  • युवाओं को आकर्षित करने के लिए वीडियो और रील्स
  • ग्लैमर और पैसे का लालच
  • अपराध को “स्टाइल” के रूप में पेश करना

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड भविष्य में और खतरनाक रूप ले सकता है।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता

इस ऑपरेशन ने यह साबित किया है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं।

दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों की समय पर कार्रवाई से एक बड़ी घटना टल गई।

निष्कर्ष

नई दिल्ली में संभावित ब्लास्ट और हमले की साजिश का नाकाम होना देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी सफलता है। यह मामला इस बात की चेतावनी भी है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भटकाने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं।

जरूरत है:

  • जागरूकता बढ़ाने की
  • साइबर निगरानी मजबूत करने की
  • युवाओं को सही दिशा देने की

समय रहते की गई कार्रवाई ने न केवल कई जिंदगियां बचाईं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश भी किया है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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