जंतर-मंतर पर कांस्टेबल से मारपीट का आरोप, अंकित कसाना का आरएमएल अस्पताल में इलाज
नई दिल्ली। जंतर-मंतर के पास बुधवार, 7 अक्टूबर को विपक्षी प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल अंकित कसाना ने अपने साथ मारपीट होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि करीब 40–50 प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेरकर गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिसके बाद मारपीट की गई। घटना के बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
भीड़ नियंत्रित करने की ड्यूटी पर थे कांस्टेबल
कसाना के अनुसार, वह प्रदर्शन स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, लेकिन भीड़ ने उन्हें ही निशाना बनाया।
कांस्टेबल का यह बयान घटना में उनके पक्ष को सामने रखता है। कथित मारपीट में शामिल लोगों की पहचान और उनकी व्यक्तिगत भूमिका स्पष्ट होने तक पूरे प्रदर्शन या किसी संगठन को सामूहिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
काटने और नाखूनों से खरोंचने का दावा
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, कसाना ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनके हाथ पर दांत से काटा गया और नाखूनों से चोट पहुंचाई गई। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर वर्दी फाड़ने का भी आरोप लगाया है। रिपोर्ट में घटना के बाद सामने आए उनके वीडियो का उल्लेख है, जिसमें वह अपने साथ हुई कथित बदसलूकी के बारे में बताते दिखाई देते हैं।
चोटों की प्रकृति और गंभीरता का निर्धारण चिकित्सा परीक्षण से होगा। कांस्टेबल के बयान तथा वीडियो में दिखाई देने वाली स्थिति को विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी में चिकित्सा परीक्षण के अंतिम निष्कर्ष नहीं दिए गए हैं।
डीसीपी और साथी पुलिसकर्मियों ने संभाला
टीवी9 हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा और अन्य पुलिसकर्मियों ने कसाना को मौके पर संभाला। सामने आए वीडियो में डीसीपी उन्हें शांत कराते दिखाई दिए। इसके बाद कांस्टेबल को इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजा गया। रिपोर्ट में उन्हें डीसीपी की कार से अस्पताल भेजे जाने की जानकारी भी दी गई है।
अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी चिकित्सा देखभाल की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण के आधार पर उनके इलाज की अवधि, छुट्टी मिलने का समय या स्वास्थ्य की अंतिम स्थिति के बारे में कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।
अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता
द लल्लनटॉप की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बारे में बताते समय कसाना भावुक हो गए। उन्होंने अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने से उनका मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
कसाना ने यह भी दावा किया कि पहले सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी करते समय उनके साथ बदसलूकी हुई थी। यह आरोप एक पूर्व घटनाक्रम से संबंधित है। इसे बुधवार की कथित मारपीट में शामिल लोगों की संगठनात्मक पहचान की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
वीडियो की जांच और प्राथमिकी पर नजर
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट से जुड़े मोबाइल वीडियो की जांच कर रही है। रिपोर्ट में संबंधित लोगों की पहचान करने और प्राथमिकी दर्ज किए जाने की संभावना का उल्लेख है। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना और वास्तव में दर्ज हो चुकी प्राथमिकी अलग स्थितियां हैं।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी
इस मामले में कांस्टेबल का बयान सामने आया है, लेकिन उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। द लल्लनटॉप की रिपोर्ट प्रकाशित होने तक घटना पर पुलिस का औपचारिक बयान भी सामने नहीं आया था।
आगे चिकित्सा परीक्षण, उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया से घटनाक्रम स्पष्ट हो सकता है। तब तक मारपीट, बदसलूकी और जिम्मेदारी संबंधी दावों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत करना आवश्यक है।
