नई दिल्ली/मुंबई: एटर्नल ग्रुप में कॉर्पोरेट नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के CEO दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके बाद कंपनी की कमान अलबिंदर ढींडसा को सौंपी गई है। गोयल ने इस बदलाव की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से साझा की और बताया कि वे अब एटर्नल ग्रुप के बोर्ड में वाइस चेयरमैन के रूप में सक्रिय रहेंगे।
CEO इस्तीफा: क्यों और कब?
दीपिंदर गोयल का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब एटर्नल ग्रुप अपने विस्तार और रणनीतिक पुनर्गठन के दौर से गुजर रहा है। गोयल ने कहा कि हाल के समय में वे नए और रिस्की प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, जिन्हें एक पब्लिक कंपनी के CEO के रूप में आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय कंपनी से दूरी बनाने का नहीं है, बल्कि कंपनी को पूरी तरह फोकस्ड और डिसिप्लिन्ड बनाए रखने के लिए लिया गया। गोयल ने अपने संदेश में कहा:
“यह केवल टाइटल का बदलाव है, कमिटमेंट का नहीं। एटर्नल मेरे जीवन का काम रहा है और रहेगा।”
अलबिंदर ढींडसा: नए CEO की भूमिका
अलबिंदर ढींडसा को नए Group CEO के रूप में नियुक्त किया गया है। दीपिंदर गोयल ने ढींडसा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने Blinkit के अधिग्रहण से लेकर ब्रेकईवन तक कंपनी को सफलतापूर्वक ले जाने में अहम भूमिका निभाई।
गोयल ने कहा कि ढींडसा एक “battle-hardened founder” हैं, जिनकी टीम मैनेजमेंट, ऑपरेशनल सिस्टम और सप्लाई चेन मजबूत करने की क्षमता उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाती है। उनके नेतृत्व में एटर्नल ग्रुप नई ऊँचाइयों तक पहुंचेगा और कंपनी के दीर्घकालिक विकास की दिशा स्पष्ट होगी।
दीपिंदर गोयल की उपलब्धियाँ और योगदान
दीपिंदर गोयल को ज़ोमैटो के मालिक के रूप में जाना जाता है। उनके नेतृत्व में एटर्नल ग्रुप ने कई रणनीतिक कदम उठाए, जिनमें शामिल हैं:
- कंपनी की मजबूती और प्रतिस्पर्धी बाजार में मजबूती।
- नई बिजनेस रणनीतियों का क्रियान्वयन।
- विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ग्रुप की उपस्थिति।
- कर्मचारियों और टीम की क्षमता बढ़ाना।
गोयल ने कहा कि एटर्नल ग्रुप का उनका सपना हमेशा भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बनाना और लाखों लोगों के लिए आजीविका का जरिया बनाना रहा है। उन्होंने कंपनी की सफलता में अपने टीम और साझेदारों का भी योगदान सराहा।
वित्तीय और शेयरधारक नीति में बदलाव
दीपिंदर गोयल ने यह स्पष्ट किया कि उनका वित्तीय भविष्य अब भी एटर्नल ग्रुप से जुड़ा रहेगा। उनके सभी अनवेस्टेड ESOPs नए ESOP पूल में डाल दिए गए हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी के नेताओं के लिए वेल्थ क्रिएशन के अवसर बने रहें और टैलेंट कंपनी में बना रहे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि एटर्नल के बोर्ड में रहते हुए वे कंपनी की लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी, नेतृत्व विकास, कंपनी संस्कृति और एथिक्स/गवर्नेंस से जुड़े फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
संगठन और नेतृत्व में निरंतरता
गोयल ने यह भी कहा कि नए CEO अलबिंदर ढींडसा, अक्षांत और वे मिलकर काम करेंगे। सभी बिजनेस CEO को वही स्वायत्तता दी जाएगी, जो पहले मिलती रही। इससे कंपनी की रणनीतिक दिशा और संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह बदलाव केवल टाइटल का है, कमिटमेंट का नहीं। एटर्नल उनके जीवन का कार्य रहा है और रहेगा।
भविष्य की योजनाएँ और दृष्टिकोण
दीपिंदर गोयल ने कहा कि उनका ध्यान अब नए आइडियाज और रिस्की प्रोजेक्ट्स पर होगा। इन प्रोजेक्ट्स में नवाचार और खोज शामिल हैं, जो पब्लिक कंपनी के CEO के रूप में पूरी तरह लागू नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि अगर ये विचार एटर्नल के रणनीतिक दायरे में होते, तो वे कंपनी के भीतर ही आगे बढ़ाते।
इस नए नेतृत्व परिवर्तन से एटर्नल ग्रुप का फोकस स्पष्ट और रणनीतिक रूप से मजबूत रहेगा। अलबिंदर ढींडसा के नेतृत्व में ग्रुप के दीर्घकालिक विकास और विस्तार की राह और स्पष्ट होगी।
CEO इस्तीफा और नेतृत्व परिवर्तन का सार
- दीपिंदर गोयल ने CEO पद से इस्तीफा दिया।
- अलबिंदर ढींडसा को नया Group CEO नियुक्त किया गया।
- गोयल अब बोर्ड में वाइस चेयरमैन के रूप में सक्रिय रहेंगे।
- इस्तीफा नए और रिस्की प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करने के कारण लिया गया।
- सभी अनवेस्टेड ESOPs नए पूल में डाल दिए गए।
- कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति, संस्कृति और नेतृत्व विकास में गोयल सक्रिय रहेंगे।
- अलबिंदर ढींडसा की टीम और संचालन क्षमता को काफी सराहा गया।
- यह बदलाव केवल टाइटल का है, कमिटमेंट का नहीं।
निष्कर्ष:
दीपिंदर गोयल का CEO पद से इस्तीफा और अलबिंदर ढींडसा की नियुक्ति एटर्नल ग्रुप के लिए एक रणनीतिक बदलाव है। यह कदम कंपनी के दीर्घकालिक विकास, नवाचार और विस्तार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। गोयल का जुड़ाव अब भी कंपनी के बोर्ड और निर्णयों के माध्यम से बना रहेगा, जबकि ढींडसा की कार्यक्षमता और नेतृत्व कंपनी को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
