आंबा पटेल फलिया और थाने के पास सड़क जर्जर, गहरे गड्ढों से हादसों का खतरा
ब्यूरो रिपोर्ट: खलील मंसूरी | अलीराजपुर
अलीराजपुर शहर के आंबा पटेल फलिया और थाना क्षेत्र के पास मुख्य सड़क की हालत खराब होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं और डामर की परत उखड़ चुकी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से सड़क का निरीक्षण कर जल्द सुधार कार्य कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते गड्ढे नहीं भरे गए तो किसी दिन वाहन चालक का संतुलन बिगड़ने से गंभीर हादसा हो सकता है।
महत्वपूर्ण मार्ग पर गड्ढों से आवागमन प्रभावित
आंबा पटेल फलिया और थाने के पास स्थित सड़क शहर के आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल राहगीरों की आवाजाही बनी रहती है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को गड्ढों से बचते हुए आगे बढ़ना पड़ता है। कई जगह उखड़ी डामर की परत और गड्ढों के कारण वाहनों की गति धीमी हो जाती है, जिससे आवागमन भी प्रभावित होता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक कई बार अचानक दिशा बदलते हैं। ऐसे में सामने से आ रहे वाहनों के साथ टक्कर का खतरा रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमभरी हो सकती है। गड्ढे में पहिया जाने या अचानक मोड़ लेने से वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है और चालक गिरकर घायल हो सकता है।
रात में गड्ढे पहचानना मुश्किल
दिन के समय सड़क की खराब स्थिति कुछ हद तक दिखाई देती है, लेकिन रात में गड्ढों का अंदाजा लगाना कठिन हो जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने पर वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति समझने में परेशानी होती है। अचानक सामने आने वाला गड्ढा खासकर तेज गति से आ रहे वाहन या क्षेत्र से अनजान चालक के लिए खतरा बन सकता है।
लोगों ने सड़क की मरम्मत के साथ आसपास की प्रकाश व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग की है। उनके अनुसार, रात के समय सुरक्षित आवागमन के लिए सड़क पर पर्याप्त रोशनी होना जरूरी है, ताकि वाहन चालक समय रहते गड्ढों को देख सकें और दुर्घटना से बचने के लिए सावधानी बरत सकें।
बारिश में जलभराव से बढ़ती है परेशानी
बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना और कठिन हो जाता है। पानी से भरे गड्ढे को सड़क का सामान्य हिस्सा समझकर वाहन आगे बढ़ाने पर अचानक झटका लग सकता है। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ने की आशंका रहती है। सूखे मौसम में उखड़ी हुई सड़क से धूल उड़ने की समस्या भी हो सकती है।
इस मार्ग से गुजरने वाले बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और पैदल राहगीरों को भी परेशानी होती है। नागरिकों का कहना है कि सड़क की खराब हालत केवल वाहन चालकों की सुविधा से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा पर भी असर डालती है।
मरम्मत में देरी पर नागरिकों ने उठाए सवाल
सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों में नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि शहर के महत्वपूर्ण मार्ग पर गहरे गड्ढे होने के बावजूद अब तक मरम्मत का कार्य क्यों नहीं कराया गया। नागरिकों के अनुसार, गड्ढों की समय पर मरम्मत होने से आवागमन आसान होगा और दुर्घटना की आशंका भी कम की जा सकेगी।
फिलहाल सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग के पास है और मरम्मत के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासन से तत्काल सुधार कार्य की मांग
आंबा पटेल फलिया और थाने के आसपास के नागरिकों ने जिला प्रशासन, नगर पालिका और संबंधित सड़क निर्माण एवं रखरखाव विभाग से सड़क का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहले गड्ढों को भरने का काम किया जाए और जरूरत के अनुसार पैचवर्क तथा डामरीकरण कराया जाए, ताकि सड़क सुरक्षित हो सके।
क्षेत्रवासियों ने यह भी मांग की है कि सड़क की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जाए और गड्ढे बनने पर समय रहते मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को किसी गंभीर दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए। अब नागरिकों को इंतजार है कि संबंधित विभाग उनकी मांग पर कब ध्यान देते हैं और सड़क सुधार का काम कब शुरू होता है।
