महात्मा ज्योतिबा फुले की 135वीं पुण्यतिथि पर नागदा में श्रद्धांजलि समारोह, संयुक्त माली समाज ने किया माल्यार्पण
नागदा। आधुनिक भारत के प्रथम महान सामाजिक सुधारकों में अग्रणी, महात्मा ज्योतिबा फुले की 135वीं पुण्यतिथि नागदा में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। नगर पालिका द्वारा स्वीकृत महात्मा ज्योतिबा फुले नक्षत्र वाटिका एवं उद्यान में संयुक्त माली समाज एवं सर्व समाज के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं संयुक्त माली समाज संयोजक बाबूलाल सैनी ने की।
समारोह की शुरुआत महात्मा फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित जनों ने “महात्मा फुले अमर रहें” के जयकारों के साथ उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण किया।
महात्मा फुले के सामाजिक योगदान का स्मरण
कार्यक्रम में संयुक्त माली समाज अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता सी.एल. वर्मा, तथा संरक्षक अशोक कच्छावा ने महात्मा फुले के जीवन कार्यों और सुधारवादी आंदोलनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले न केवल महिला शिक्षा के जनक थे, बल्कि आधुनिक भारत की सामाजिक चेतना के निर्माता भी रहे।
वक्ताओं द्वारा प्रमुख बिंदु:
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महिला शिक्षा का प्रबल समर्थन — फुले और सावित्रीबाई फुले ने भारत का पहला कन्या विद्यालय शुरू किया।
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सती प्रथा के उन्मूलन के लिए व्यापक अभियान चलाया।
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विधवा पुनर्विवाह को सामाजिक मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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बाल विवाह के विरोध में समाज को जागरूक किया।
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अंग्रेजी हुकूमत और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई।
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किसानों और शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया।
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महिला विद्यालयों का निर्माण, पुस्तक लेखन और साहित्यिक योगदान ने सामाजिक आंदोलन को नई दिशा दी।
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महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता चेतना और समाज सुधार के कई अभियानों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया।
वक्ताओं ने कहा कि फुले केवल एक सामाजिक सुधारक नहीं, बल्कि कवि हृदय, विचारों के योद्धा और समानता के प्रखर पुरोधा थे। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
कार्यक्रम में माली समाज और सर्व समाज के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। जिनमें मुख्य रूप से
नारायण सिंह बेस, लालाराम अहिरवार, रामचरण मीणा, अशोक सैनी, रामचंद्र मकवाना, कालीचरण शर्मा, कैलाश महाराष्ट्रीयन माली, मोहनलाल चौहान, दिनेश शर्मा, मनोहर टॉक, चंचल राठौर, जैकी भटवाल सहित अनेक समाजजन उपस्थित थे।
पूरे आयोजन में समाज की एकजुटता, महात्मा फुले के प्रति सम्मान और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प स्पष्ट दिखाई दिया।
कार्यक्रम संचालन एवं सहयोग
श्रद्धांजलि कार्यक्रम का संचालन संयुक्त माली समाज अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद सी.एल. वर्मा ने किया।
मेवाड़ा माली समाज की ओर से गोवर्धनलाल भनोप सहित अन्य सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहयोग दिया।
समारोह के अंत में सभी उपस्थित नागरिकों ने यह संकल्प लिया कि वे महात्मा ज्योतिबा फुले के समानता, शिक्षा, न्याय और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
रिपोर्ट:
जीवनलाल जैन, संवाददाता – नागदा


