शिप्रा एक्सप्रेस के एसी कोच में मिला मरा चूहा, दुर्गंध से यात्री परेशान; सफाई और पैंट्री व्यवस्था पर उठे सवाल
इंदौर। इंदौर से हावड़ा जाने वाली शिप्रा एक्सप्रेस में एक बार फिर सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ट्रेन में सफर कर रहे एक अधिवक्ता यात्री ने कोच में मरा हुआ चूहा पड़े होने और उससे उठ रही तेज दुर्गंध की शिकायत की है। यात्री का आरोप है कि उन्होंने तत्काल ट्रेन में मौजूद टीटीई को मामले की जानकारी दी, लेकिन शिकायत के बावजूद समस्या का समय पर समाधान नहीं हो सका। इसके बाद यात्री ने रेलवे सेवा और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले की जानकारी देकर ट्रेन में सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए।
यात्री के मुताबिक, कोच में मरा हुआ चूहा पड़ा था, जिससे आसपास के क्षेत्र में काफी तेज दुर्गंध फैल रही थी। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराना रेलवे की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, लेकिन इस घटना ने ट्रेन के रखरखाव और नियमित सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टीटीई को जानकारी देने के बाद भी नहीं मिला तत्काल समाधान
शिकायतकर्ता यात्री ने बताया कि जब उन्होंने कोच में मरे चूहे को देखा और उससे दुर्गंध महसूस हुई तो उन्होंने ट्रेन में मौजूद टीटीई को इसकी जानकारी दी। यात्री को उम्मीद थी कि रेलवे कर्मचारी तत्काल सफाईकर्मियों को बुलाकर मरे चूहे को हटवाएंगे और कोच की सफाई कराई जाएगी। हालांकि, यात्री का आरोप है कि जानकारी देने के बाद भी समस्या का तत्काल निराकरण नहीं किया गया।
इसके बाद यात्री ने रेलवे सेवा के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई और रेल अधिकारियों को भी टैग करते हुए कोच की स्थिति की जानकारी दी। शिकायत में ट्रेन की सफाई व्यवस्था और यात्रियों को हो रही परेशानी का उल्लेख किया गया।
एसी वेंट की सफाई को लेकर भी शिकायत
यात्री ने कोच के एसी वेंट की सफाई को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, उन्होंने अटेंडेंट से कोच की सफाई करने के साथ ही एसी वेंट को भी साफ करने के लिए कहा था। यात्री का आरोप है कि अटेंडेंट ने पूरी तरह सफाई करने से इनकार कर दिया।
यात्री का कहना है कि लंबे सफर वाली ट्रेनों में कोच की नियमित सफाई बेहद जरूरी है। विशेषकर एसी कोच में हवा का संचार लगातार होता रहता है, इसलिए वहां गंदगी या दुर्गंध यात्रियों के लिए ज्यादा परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में सफाई व्यवस्था में लापरवाही यात्रियों के अनुभव को प्रभावित करती है।
पैंट्री में भोजन वितरण पर भी सवाल
शिप्रा एक्सप्रेस में केवल सफाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि पैंट्री सेवा को लेकर भी यात्री ने शिकायत की। यात्री के अनुसार, एक यात्री को खाना उपलब्ध कराया गया, जबकि दूसरे यात्री को भोजन नहीं दिया गया। इसको लेकर उन्होंने ट्रेन में भोजन वितरण की व्यवस्था पर सवाल उठाए और संबंधित जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग की।
यात्री की शिकायत के बाद रेलवे सेवा की ओर से मामले को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं में पारदर्शिता और समानता जरूरी है। यदि किसी यात्री ने निर्धारित सेवा के तहत भोजन की मांग की है तो उसे नियमानुसार उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।
मालवा एक्सप्रेस में भी चूहों से यात्री परेशान
शिप्रा एक्सप्रेस की शिकायत के बीच महू से इंदौर होते हुए माता वैष्णोदेवी कटरा जाने वाली मालवा एक्सप्रेस में भी चूहों को लेकर यात्री की शिकायत सामने आई है। मालवा एक्सप्रेस में सफर कर रही यात्री पूनम मंगरोलिया ने शिकायत करते हुए बताया कि एसी कोच में चूहे घूम रहे थे। यात्री ने ट्रेन की सफाई व्यवस्था को भी खराब बताया।
पूनम मंगरोलिया के मुताबिक, कोच में चूहों की मौजूदगी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। उनका आरोप है कि यात्रियों की ओर से कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। एसी कोच में चूहों की मौजूदगी को लेकर यात्रियों में नाराजगी देखी गई।
यात्रियों ने सफाई व्यवस्था मजबूत करने की मांग की
लगातार सामने आ रही ऐसी शिकायतों के बाद यात्रियों ने रेलवे से ट्रेनों में सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में यात्रा के दौरान स्वच्छता, साफ शौचालय, साफ कोच और सुरक्षित खान-पान जैसी सुविधाएं मूलभूत जरूरतों में शामिल हैं।
लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को कई घंटे तक सफर करना पड़ता है। ऐसे में कोच में मरा हुआ चूहा मिलना या चूहों का घूमना यात्रियों के लिए गंभीर असुविधा का कारण बन सकता है। इसके अलावा मरे हुए जीव से दुर्गंध फैलने पर यात्रियों को पूरे सफर के दौरान परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे को केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय नियमित निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए। प्रत्येक कोच की सफाई, सीटों के नीचे और अन्य हिस्सों की जांच तथा चूहों की रोकथाम के लिए नियमित उपाय किए जाने चाहिए।
शिकायतों के त्वरित निराकरण की जरूरत
रेल यात्रियों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करना चाहिए। विशेषकर सफाई से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना जरूरी है।
शिप्रा एक्सप्रेस में मरे चूहे की शिकायत और मालवा एक्सप्रेस में चूहों के घूमने की शिकायत ने ट्रेनों में स्वच्छता और रखरखाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर जांच कराएगा और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए प्रभावी कदम उठाएगा।
यात्रियों की मांग है कि ट्रेनों में नियमित रूप से कीट एवं चूहा नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही सफाईकर्मियों और अटेंडेंट की जवाबदेही तय हो तथा शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा, बल्कि रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था में भी सुधार होगा।
फिलहाल शिप्रा एक्सप्रेस में मरा चूहा मिलने और मालवा एक्सप्रेस में चूहों की शिकायत से जुड़े मामलों को लेकर यात्रियों की ओर से कार्रवाई की मांग की जा रही है। रेलवे की ओर से संबंधित शिकायतों को अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई है। अब देखना होगा कि इन शिकायतों के बाद ट्रेनों की सफाई और रखरखाव व्यवस्था में किस स्तर पर सुधार किया जाता है।
