DAVV इंदौर: पीजी सेकंड सेमेस्टर परीक्षा फॉर्म की तारीख बढ़ी, विद्यार्थियों को मिली बड़ी राहत
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV ), इंदौर ने स्नातकोत्तर (पीजी) सेकंड सेमेस्टर परीक्षा के फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर छात्रों को बड़ी राहत प्रदान की है। अब विद्यार्थी 25 अप्रैल 2026 तक बिना किसी विलंब शुल्क के परीक्षा फॉर्म जमा कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के इस निर्णय से हजारों छात्रों को राहत मिली है, जो तकनीकी दिक्कतों और समय की कमी के कारण समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब विश्वविद्यालय में पीजी पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और बड़ी संख्या में छात्र आवेदन प्रक्रिया में शामिल हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुविधा और परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए यह कदम आवश्यक था।
DAVV फॉर्म भरने में देरी की मुख्य वजहें
डीएवीवी में इस बार परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत देर से शुरू हुई। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण एमपी ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी अपडेट की समस्या रही। विश्वविद्यालय में एमए, एमकॉम, एमएससी सहित विभिन्न स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में कई नए विषय जोड़े गए हैं।
इन नए विषयों के कारण सिस्टम को अपडेट करने में देरी हुई, जिससे ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। कई छात्रों ने शिकायत की कि पोर्टल पर उनके विषय
इंदौर
सही तरीके से प्रदर्शित नहीं हो रहे थे, जिसके कारण वे फॉर्म पूरा नहीं कर पा रहे थे।
इसके अलावा विश्वविद्यालय की नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू किए गए एक वर्षीय पीजी कोर्स की यह पहली परीक्षा है, जिसके कारण प्रशासनिक स्तर पर भी कई नए बदलाव किए जा रहे थे। इन सभी कारणों ने मिलकर फॉर्म भरने की प्रक्रिया को धीमा कर दिया।
छात्रों को मिली राहत: तिथि में विस्तार
छात्रों की समस्याओं को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
नई समय-सारिणी इस प्रकार निर्धारित की गई है—
- 25 अप्रैल 2026 तक: बिना किसी विलंब शुल्क के फॉर्म जमा किए जा सकते हैं
- 26 से 29 अप्रैल 2026 तक: 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ आवेदन स्वीकार होंगे
- 30 अप्रैल से 2 मई 2026 तक: कुलगुरु की अनुमति से 750 रुपये विलंब शुल्क के साथ फॉर्म जमा किए जा सकेंगे
इस निर्णय के बाद छात्रों को फॉर्म भरने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है, जिससे वे बिना किसी दबाव के आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
परीक्षा की तारीख और आयोजन व्यवस्था
डीएवीवी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीजी सेकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। परीक्षा 12 मई 2026 से शुरू होकर 22 मई 2026 तक चलेगी।
इस परीक्षा में लगभग 30,000 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। विश्वविद्यालय ने इसके लिए लगभग 80 परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की है। इनमें इंदौर सहित आसपास के जिलों के परीक्षा केंद्र भी शामिल हैं।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी ने बताया कि सभी कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे छात्रों के आवेदन समय पर विश्वविद्यालय तक पहुंचाएं ताकि परीक्षा की तैयारी में किसी प्रकार की बाधा न आए।
कॉलेजों और प्रशासन को निर्देश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबद्ध कॉलेजों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों के परीक्षा फॉर्म समय पर सत्यापित करके विश्वविद्यालय को भेजें।
कई बार देखा गया है कि कॉलेज स्तर पर देरी होने के कारण छात्रों के आवेदन समय पर प्रक्रिया में नहीं आ पाते, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बार विश्वविद्यालय ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके अलावा कॉलेजों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि छात्रों को फॉर्म भरने में किसी प्रकार की तकनीकी या जानकारी संबंधी समस्या न हो।
नई शिक्षा नीति का प्रभाव
इस बार की पीजी सेकंड सेमेस्टर परीक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत शुरू किए गए नए पाठ्यक्रमों के अंतर्गत हो रही है। यह एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की पहली बैच है, जिसके कारण कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
नई शिक्षा नीति के तहत कोर्स संरचना में बदलाव किया गया है, जिसमें कई नए विषयों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही मूल्यांकन प्रणाली और परीक्षा पैटर्न में भी सुधार किया गया है।
इस बदलाव के कारण विश्वविद्यालय को तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नई व्यवस्था तैयार करनी पड़ी, जिसका प्रभाव फॉर्म भरने की प्रक्रिया पर भी पड़ा।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया
फॉर्म भरने की तिथि बढ़ने से छात्रों ने राहत की सांस ली है। कई छात्रों का कहना है कि पोर्टल की तकनीकी समस्या और समय की कमी के कारण वे समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
छात्रों ने विश्वविद्यालय के इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा है कि इससे उन्हें अपनी तैयारी और दस्तावेजों को सही तरीके से पूरा करने का समय मिल गया है।
परीक्षा की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नकल रोकने और परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा। इसके अलावा सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी भी की जाएगी।
प्रशासन की प्राथमिकता: समय पर परीक्षा और परिणाम
डीएवीवी प्रशासन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता परीक्षा को समय पर और बिना किसी बाधा के संपन्न कराना है। इसके साथ ही परिणाम भी समय पर घोषित किए जाएंगे ताकि छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
निष्कर्ष
डीएवीवी इंदौर द्वारा पीजी सेकंड सेमेस्टर परीक्षा फॉर्म की अंतिम तिथि बढ़ाना छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत कदम है। तकनीकी समस्याओं और नई शिक्षा नीति के तहत हुए बदलावों के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक था।
अब छात्रों को न केवल अतिरिक्त समय मिला है बल्कि वे बिना किसी तनाव के अपनी परीक्षा तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की यह पहल शैक्षणिक व्यवस्था को अधिक छात्र-अनुकूल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
