Datia By Election 2026: भाजपा की नई रणनीति, इंदौर के गौरव रणदिवे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, स्टार प्रचारकों की सूची से तुलसी सिलावट बाहर
Datia मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल चुनाव प्रचार की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। 30 जुलाई को होने वाले मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों को देखते हुए भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारियों को और मजबूत कर दिया है।
Datia उपचुनाव में भाजपा ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है, जिसमें इंदौर के युवा नेता और प्रदेश भाजपा महामंत्री गौरव रणदिवे को पहली बार शामिल किया गया है। वहीं, इंदौर क्षेत्र से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भी स्टार प्रचारक बनाया गया है। खास बात यह है कि सिंधिया समर्थक माने जाने वाले मंत्री तुलसीराम सिलावट को इस सूची में जगह नहीं मिली है, जिसे राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय माना जा रहा है।
Datia चुनाव में भाजपा ने बनाई नई रणनीति
Datia उपचुनाव भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टिकट वितरण के बाद पार्टी के अंदर कुछ असंतोष की स्थिति भी सामने आई थी। भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के विरोध और नाराजगी के बाद पार्टी संगठन ने चुनावी रणनीति को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
भाजपा ने इस बार प्रचार अभियान में संगठन के अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी जिम्मेदारी दी है। इसी रणनीति के तहत गौरव रणदिवे को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है। पार्टी उन्हें संगठनात्मक अनुभव और युवा नेतृत्व के चेहरे के रूप में प्रचार अभियान में उतार रही है।
पहली बार स्टार प्रचारक बने गौरव रणदिवे
गौरव रणदिवे इंदौर भाजपा के प्रमुख युवा नेताओं में शामिल हैं। उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। इंदौर के पलासिया क्षेत्र में जन्मे रणदिवे ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से बीकॉम और एमबीए की शिक्षा प्राप्त की।
वे शुरुआती दौर से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे। वर्ष 2001 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2005 में भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़कर उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
गौरव रणदिवे भाजपा युवा मोर्चा में प्रदेश महामंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रह चुके हैं। इसके अलावा वे इंदौर भाजपा के नगर अध्यक्ष भी रहे। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश भाजपा में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
रणदिवे को इससे पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी संगठन की ओर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब दतिया उपचुनाव में पहली बार उन्हें स्टार प्रचारक बनाकर पार्टी ने उनके कद को और बढ़ाया है।
40 नेताओं की सूची में कई बड़े नाम शामिल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दतिया उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक सहित कई बड़े नेताओं को शामिल किया गया है।
इसके अलावा राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन के कई प्रमुख नेताओं को भी प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है।
इंदौर से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे को सूची में जगह मिली है। हालांकि मंत्री तुलसीराम सिलावट का नाम नहीं होना राजनीतिक चर्चा का कारण बन गया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया को बनाया गया चुनाव प्रभारी
Datia उपचुनाव में भाजपा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव प्रभारी बनाया है। सिंधिया का ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में मजबूत प्रभाव माना जाता है। पार्टी ने क्षेत्रीय समीकरणों और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी है।
भाजपा को यह भी अंदाजा है कि नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराजगी चुनाव में चुनौती बन सकती है। ऐसे में पार्टी ने संगठन के बड़े नेताओं को मैदान में उतारकर अंदरूनी मतभेदों को नियंत्रित करने की कोशिश की है।
नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराजगी बनी मुद्दा
Datia उपचुनाव में टिकट को लेकर भाजपा के अंदर जिस तरह की नाराजगी सामने आई, उसने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद पार्टी को डैमेज कंट्रोल की रणनीति अपनानी पड़ी।
भाजपा नेतृत्व अब चुनाव प्रचार के दौरान संगठन की एकजुटता और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर देगा।
कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना
वहीं, कांग्रेस ने भाजपा की स्टार प्रचारकों की सूची और दतिया घटनाक्रम को लेकर निशाना साधा है। कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा पर तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जिस समूह को कभी सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक रणनीतियों के लिए जाना जाता था, आज उसी के नेता स्टार प्रचारकों की सूची में पीछे दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस ने इसे भाजपा के अंदर चल रही खींचतान का संकेत बताया है।
Datia उपचुनाव में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
दतिया उपचुनाव अब धीरे-धीरे रोचक मुकाबले में बदलता जा रहा है। भाजपा जहां संगठन की ताकत और बड़े नेताओं के सहारे चुनाव मैदान में उतर रही है, वहीं कांग्रेस भी स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंचने की तैयारी कर रही है।
भाजपा की स्टार प्रचारक सूची में गौरव रणदिवे को शामिल करना पार्टी की युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति का संकेत माना जा रहा है। वहीं तुलसीराम सिलावट का नाम नहीं होना आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर सकता है।
अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि चुनाव प्रचार के दौरान कौन-कौन से नेता दतिया पहुंचते हैं और भाजपा की नई रणनीति मतदाताओं पर कितना प्रभाव डाल पाती है।
