असाटी समाज महिला समिति दमोह ने मनाया वृक्षारोपण महाकुंभ, विद्यालय परिसर में लगाए 40 पौधे
पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ महिलाओं और बच्चों ने निभाई जिम्मेदारी, हरियाली बढ़ाने का दिया संदेश
Damoh । संवाददाता सोनू अठया।
वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से असाटी समाज महिला समिति दमोह द्वारा शहर में वृक्षारोपण महाकुंभ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ई.एफ.ए. जे.पी.बी. कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में उत्साह और सामाजिक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान समाज की महिलाओं, बच्चों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित बनाना और समाज में प्रकृति के प्रति जागरूकता पैदा करना था। समिति द्वारा आयोजित इस विशेष अभियान में विद्यालय परिसर में लगभग 40 पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पौधों की सुरक्षा और देखभाल का संकल्प भी लिया।
मां सरस्वती की वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
वृक्षारोपण महाकुंभ कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रार्थना और वंदना के साथ की गई। धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में प्रारंभ हुए इस आयोजन में विद्यालय परिवार और असाटी समाज के सदस्यों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य डी.के. मिश्रा, शरद मिश्रा, डॉ. आलोक सोनवलकर और एस.के. असाटी सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। असाटी समाज महिला समिति की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया और उन्हें सम्मान स्वरूप सुंदर उपहार भेंट किए गए।
अतिथियों ने अपने संबोधन में वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन को देखते हुए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक हो गया है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ किया पौधारोपण
कार्यक्रम में असाटी समाज की मातृशक्तियों और बच्चों ने विशेष उत्साह दिखाया। बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे विद्यालय परिसर पहुंचे और पौधारोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया।
महिलाओं ने कहा कि पौधे लगाना केवल एक सामाजिक गतिविधि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य तैयार करने का प्रयास है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे अपने घर, आसपास के क्षेत्र और सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाएं तथा उनकी नियमित देखभाल करें।
कार्यक्रम में छोटे बच्चों की सहभागिता भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने पौधे लगाकर प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझा।
शैलजा असाटी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
असाटी समाज महिला समिति की राष्ट्रीय महिला महामंत्री श्रीमती शैलजा असाटी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने समाज की महिलाओं को एकजुट करते हुए बड़ी संख्या में सहभागिता सुनिश्चित की।
इस अवसर पर श्रीमती शैलजा असाटी ने विद्यालय के प्राचार्य को सुंदर उपहार भेंट कर आयोजन में सहयोग प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण के अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता बढ़ती है। पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर महिलाओं और बच्चों को जोड़ना भविष्य के लिए एक मजबूत कदम है।
40 पौधों का किया गया रोपण
वृक्षारोपण अभियान के दौरान विद्यालय परिसर में लगभग 40 पौधे लगाए गए। इनमें आम, आंवला, नीम, जामुन, अशोक, बेलपत्री, शमी, कदम, तुलसी, अमरूद सहित कई फलदार, औषधीय और सजावटी पौधे शामिल रहे।
आयोजकों ने बताया कि लगाए गए पौधे न केवल विद्यालय परिसर की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि भविष्य में पर्यावरण को शुद्ध रखने और जैव विविधता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नीम, आंवला और अन्य औषधीय पौधों का विशेष महत्व बताते हुए समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे पौधे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी होते हैं। वहीं फलदार पौधे आने वाले समय में उपयोगी साबित होंगे।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। बढ़ते तापमान, प्रदूषण और घटती हरियाली को देखते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करना आवश्यक है।
समाज के सदस्यों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे पर्यावरण से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी करें और समाज में जागरूकता फैलाएं।
विद्यालय परिसर में बना सकारात्मक वातावरण
वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। महिलाओं और बच्चों ने मिलकर पौधों का रोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
विद्यालय प्रबंधन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधे आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।
जलपान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से उपस्थित सभी असाटी समाज की बहनों और प्रतिभागियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और उत्साह का विशेष ध्यान रखा गया।
समिति के सदस्यों ने सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी समाज द्वारा पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
सामाजिक एकता और पर्यावरण जागरूकता का संदेश
असाटी समाज महिला समिति दमोह द्वारा आयोजित वृक्षारोपण महाकुंभ केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता, महिला सहभागिता और पर्यावरण जागरूकता का प्रतीक बना।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रकृति की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। छोटे-छोटे प्रयासों से ही बड़ा परिवर्तन संभव है। समाज की सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का अभियान और मजबूत किया जा सकता है।
असाटी समाज महिला समिति की यह पहल आने वाले समय में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
