दमोह में गौवंश की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों का धरना, गौशालाओं में पहुंचाने की मांग
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ
दमोह। सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। जनपद सदस्य प्रतिनिधि वीर सिंह लोधी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गौवंश की सुरक्षा के संबंध में कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने पशुधन को गौशालाओं में पहुंचाने, बंद गौशालाएं दोबारा शुरू करने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग रखी।
धरने के दौरान ग्रामीणों ने सांसद, विधायक और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेकर उनकी मांगें सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर को ज्ञापन देने पर अड़े ग्रामीण
धरना स्थल पर ज्ञापन लेने पहुंचे संयुक्त कलेक्टर को ग्रामीणों ने ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। उनकी मांग थी कि कलेक्टर स्वयं बाहर आकर समस्याएं सुनें और ज्ञापन प्राप्त करें। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक कलेक्टर को बाहर बुलाने के लिए नारे लगाए।
इस बीच नेतृत्व कर रहे चार प्रतिनिधियों को कार्यालय में बुलाने का संदेश भेजा गया। हालांकि वीर सिंह लोधी और ग्रामीण कलेक्टर के धरना स्थल पर आने की मांग पर अड़े रहे। बाद में कलेक्टर ने बाहर आकर ज्ञापन लिया और ग्रामीणों की बात सुनी।
पूर्व निर्देशों का पालन नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि दो दिन पूर्व गौवंश की कथित हत्या से नाराज लोगों के आंदोलन के दौरान पशुधन की सुरक्षा का विषय उठाया गया था। उनके अनुसार कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी राजेंद्र लोधी सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौखिक निर्देश दिए थे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इन निर्देशों के बाद भी सड़कों पर घूम रहे गौवंश की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने नगरपालिका और जिला पंचायत से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था सुधारने की मांग की।
रात में सड़क पर बैठे पशुधन से दुर्घटना का खतरा
वीर सिंह लोधी ने कहा कि ग्रामीण और मुख्य मार्गों पर बड़ी संख्या में पशुधन रात के समय बैठा रहता है। इससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। अंधेरे में वाहन चालकों को सड़क पर बैठे पशु समय पर दिखाई नहीं देते।
उन्होंने बताया कि ऐसी परिस्थितियों में पशुओं के साथ लोगों के जीवन को भी खतरा रहता है। ग्रामीणों ने शासन और जिला प्रशासन से इस समस्या को गंभीरता से लेकर दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की।
गौशालाओं में पहुंचाने और निगरानी की मांग
ज्ञापन में सड़कों पर विचरण कर रहे पशुधन को सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया। साथ ही मुख्य मार्गों और दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित कर विशेष निगरानी की मांग रखी गई।
ग्रामीणों ने कहा कि रात्रि के समय सड़क पर बैठे पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनकी मांग है कि पशुधन की सुरक्षा और आमजन के जीवन की सुरक्षा, दोनों को ध्यान में रखकर संबंधित विभाग कार्रवाई करें।
सतधरु के पास बड़ी गौशाला बनाने का प्रस्ताव
प्रदर्शनकारियों ने सतधरु के पास शासकीय भूमि पर जिले की सबसे बड़ी गौशाला बनाने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि वहां हजारों एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध है, जिसका उपयोग पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त बंद पड़ी गौशालाओं को पुनः शुरू करने का आग्रह किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त आश्रय व्यवस्था होने से सड़कों पर विचरण करने वाले पशुओं को सुरक्षित स्थान मिल सकेगा।
अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने ग्रामीणों की मांगें सुनकर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। धरना प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने के दौरान वीर सिंह लोधी, करन लोधी, राकेश, नीलेश यादव, नरेश लोधी, गुड्डू लोधी, राजाराम अहिरवार, हर्ष अहिरवार और अंबर आसाटी सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।
