Damoh में लाखों की लूट का खुलासा: पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, ₹8.50 लाख के आभूषण और हथियार बरामद
रिपोर्टर सोनू अठ्या दमोह मध्य प्रदेश
Damoh मध्यप्रदेश के दमोह जिले में नरसिंहगढ़ चौकी क्षेत्र के अंतर्गत हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा, धारदार कटर और अन्य सामान बरामद किया गया है। बरामद संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब ₹8.50 लाख बताई गई है। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
आधी रात घर में घुसे थे बदमाश
यह घटना 4 जुलाई 2026 की रात दमोह देहात थाना क्षेत्र के सूखी पिपरिया गांव में हुई थी। फरियादी विजय जैन ने डायल-112 पर सूचना देकर बताया कि रात लगभग 1 बजे से 1:30 बजे के बीच चार से अधिक अज्ञात बदमाश हथियारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए।
आरोपियों ने घर में मौजूद परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी सहित लगभग ₹12.70 लाख की संपत्ति लूटकर फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।

पुलिस ने तुरंत शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही थाना दमोह देहात पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के लिए डॉग स्क्वाड, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और साइबर टीम की मदद ली गई। घटनास्थल से भौतिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए।
इसके साथ ही जिले और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकाबंदी कराई गई, ताकि आरोपियों की जल्द पहचान की जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया।
30 पुलिसकर्मियों की छह टीमें बनाई गईं
लूट की इस बड़ी वारदात के खुलासे के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। करीब 30 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छह अलग-अलग टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने दमोह सहित आसपास के जिलों में लगातार दबिश दी।
जांच के दौरान लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। साथ ही कई संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया, जिससे आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
तकनीकी साक्ष्यों से मिला अहम सुराग
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत भदौरिया और नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पाण्डेय के मार्गदर्शन में गठित टीम ने लगातार जांच जारी रखी।
मुखबिर से मिली सूचना, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने शंकर यादव और राहुल अहिरवार को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर इस लूट की योजना बनाई थी और उसे अंजाम दिया था।
आरोपियों से बरामद हुआ सामान
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया है। बरामद सामान में सोने और चांदी के आभूषणों के अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार भी शामिल हैं।
बरामद सामग्री में शामिल हैं—
- सोने के दो हार
- एक सोने का मंगलसूत्र
- एक सोने की बेंदी
- दो सोने की अंगूठियां
- चांदी की दो करधनी
- एक चांदी की पायल
- एक चांदी की चैन
- घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल
- एक देशी कट्टा
- धारदार कटर
पुलिस के अनुसार बरामद संपत्ति का अनुमानित मूल्य ₹8.50 लाख है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
अधिकारियों का विश्वास है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लूट की शेष संपत्ति भी बरामद कर ली जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई की सराहना
Damoh पुलिस की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। महज कुछ दिनों के भीतर तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के माध्यम से पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी की जाएगी। लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
