जेपीबी स्कूल हॉस्टल की पांच छात्राएं अचानक बीमार, दो जिला अस्पताल में भर्ती
रिपोर्टर सोनू अठया दमोह मध्य प्रदेश
नाश्ता करने के बाद बिगड़ी तबीयत, पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद मचा हड़कंप
Damoh । शहर के शासकीय ई.जे.एफ. जेपीबी स्कूल के छात्रावास में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाली पांच छात्राओं की अचानक तबीयत खराब हो गई। छात्राओं को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने के बाद तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और हॉस्टल प्रशासन सक्रिय हो गया। छात्राओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। फिलहाल दो छात्राओं को अस्पताल में भर्ती रखकर निगरानी में उपचार दिया जा रहा है, जबकि तीन छात्राओं की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें वापस हॉस्टल भेज दिया गया।
सुबह भोजन करने के बाद शुरू हुई परेशानी
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने नाश्ते में मूंग दाल, चावल और रोटी का सेवन किया था। भोजन करने के कुछ समय बाद ही कुछ छात्राओं को पेट दर्द की शिकायत होने लगी। इसके बाद उन्हें उल्टी की समस्या भी शुरू हो गई।
एक साथ कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद हॉस्टल में मौजूद कर्मचारियों में चिंता का माहौल बन गया। छात्राओं की हालत को देखते हुए तुरंत उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका परीक्षण कर उपचार शुरू किया।
दो छात्राओं का अस्पताल में चल रहा इलाज
जिला अस्पताल में भर्ती छात्राओं में सुहानी लोधी (15 वर्ष), पिता मनीष लोधी, निवासी कनेपुर, कक्षा 11वीं और स्वाति कुर्मी (13 वर्ष), पिता भानु प्रताप कुर्मी, कक्षा 10वीं शामिल हैं।
दोनों छात्राओं को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है और उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार देखा जा रहा है।
वहीं दीक्षा लोधी (12 वर्ष), नेहा और हर्षिता को प्राथमिक उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद उन्हें वापस छात्रावास भेज दिया गया।
स्कूल प्रबंधन और शिक्षक पहुंचे अस्पताल
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्कूल के शिक्षक शरद मिश्रा जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती छात्राओं का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली और आवश्यक उपचार के संबंध में चर्चा की।
हॉस्टल की रसोइया द्रोपती राठौर भी अस्पताल पहुंचीं और छात्राओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली। स्कूल प्रबंधन द्वारा भी पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।
डॉक्टरों ने बताया स्थिति सामान्य
जिला अस्पताल के डॉक्टर जावेद खान ने बताया कि अस्पताल में लाई गई छात्राओं का उपचार किया गया है। भर्ती दोनों छात्राओं की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। प्राथमिक उपचार के बाद जिन छात्राओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ, उन्हें छुट्टी दे दी गई।
डॉक्टरों ने बताया कि छात्राओं की लगातार निगरानी की जा रही है। बीमारी के कारणों को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
छात्राओं के अचानक बीमार होने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग की टीम पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि छात्राओं की तबीयत भोजन के कारण बिगड़ी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
जांच के दौरान भोजन की गुणवत्ता, तैयार करने की प्रक्रिया और हॉस्टल की अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी जुटाई जा सकती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
भोजन व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की भोजन व्यवस्था और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए साफ-सफाई और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है।
अभिभावकों ने भी इस मामले में गंभीरता से जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रशासन की नजर पूरे मामले पर
घटना के बाद प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य विभाग और स्कूल प्रबंधन से जानकारी ली जा रही है। छात्राओं के स्वास्थ्य और हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि छात्राओं के बीमार होने का वास्तविक कारण क्या था। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएगा कारण
फिलहाल सभी छात्राओं की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं की तबीयत भोजन से संबंधित समस्या के कारण बिगड़ी या कोई अन्य वजह रही।
घटना ने एक बार फिर छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा, भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
रिपोर्टर: सोनू अठया, दमोह मध्य प्रदेश
