हटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतरजिला अवैध हथियार गिरोह का पर्दाफाश, 9 आरोपी गिरफ्तार, 5 हथियार जब्त
अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय गिरोह पर पुलिस का शिकंजा
Damoh। जिले की हटा थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरजिला हथियार गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े 3 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 5 अवैध हथियार, जिनमें 3 पिस्टल और 2 देसी कट्टे शामिल हैं, साथ ही 9 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को जिले में अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किए गए मामले
पुलिस के अनुसार, थाना हटा में अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में अपराध क्रमांक 345/26 और 346/26 दर्ज किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच आगे भी जारी है और हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी हटा के.पी. सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम द्वारा की गई।
पुलिस टीम को अवैध हथियारों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर टीम ने रणनीति तैयार कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य जिले में अवैध हथियारों के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना और अपराधियों के नेटवर्क को समाप्त करना है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
नौ आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी
हटा पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विभिन्न जिलों से जुड़े लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यश अहिरवार उर्फ बंकर (जबलपुर), जीवनलाल वंशकार (कटनी), निखिल साहू, अर्जुन चक्रवर्ती, दीपक सिंह लोधी, अश्विनी लोधी (दमोह), जय हिंद यादव (पन्ना), दिनेश यादव (दमोह) और जसवंत वर्मन (हटा) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि इन सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकें। प्रारंभिक जांच में गिरोह के कई जिलों में सक्रिय होने की जानकारी मिली है।
वहीं इस मामले में सत्यम रैकवार, उत्कर्ष साहू और अरविंद विश्वकर्मा अभी फरार हैं। पुलिस ने इनकी तलाश तेज कर दी है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमों को सक्रिय किया गया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि अवैध हथियारों के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
कई जिलों में फैला था हथियार सप्लाई नेटवर्क
पुलिस जांच में प्रारंभिक रूप से सामने आया है कि यह गिरोह दमोह के अलावा आसपास के जिलों जबलपुर, कटनी और पन्ना में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई में सक्रिय था।
पुलिस को मिली सूचना के आधार पर टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
साइबर शाखा सहित कई टीमों की रही भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना हटा, थाना पटेरा, चौकी बिलाई, साइबर शाखा सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों के कारोबार को रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध हथियार रखने, खरीदने या बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
इस कार्रवाई से अवैध हथियारों के कारोबार में शामिल लोगों में हड़कंप मचा है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियारों के स्रोत तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
संवाददाता – सोनू अठया, दमोह मध्य प्रदेश
