Damoh जिला जेल में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: जीवंत झांकी ने मोहा मन, जयकारों से गूंजा परिसर
Damoh (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के परिपालन में जिला जेल दमोह में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस धार्मिक आयोजन में जेल प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बंदियों ने पूरी आस्था और उत्साह के साथ सहभागिता की।
पूजन-अर्चन और संगीतमय भजन-कीर्तन
कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर में स्थित श्रीराम भक्त हनुमान की विशाल प्रतिमा के समीप विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन करके किया गया।
इस अवसर पर आमंत्रित कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुमधुर भजनों और धार्मिक गीतों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। भजन-कीर्तन के दौरान बंदियों ने भावविभोर होकर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” और “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जोरदार जयकारे लगाए, जिससे पूरा जेल परिसर गूंज उठा।

वासुदेव द्वारा गोकुल गमन की जीवंत झांकी रही आकर्षण का केंद्र
जन्माष्टमी महोत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग पर आधारित जीवंत और प्रभावशाली झांकी रही। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इस झांकी में:
-
कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य,
-
पहरेदारों का अचानक मूर्छित होकर बेहोश होना,
-
जेल के भारी-भरकम तालों का स्वतः टूटकर खुल जाना, और
-
पिता वासुदेव द्वारा बाल रूप श्रीकृष्ण को टोकरी में रखकर उफनती यमुना पार कर गोकुल पहुंचाने के अद्भुत दृश्य को जीवंत रूप में दर्शाया गया।
इस आध्यात्मिक और मनमोहक झांकी के प्रभावी मंचन ने बंदियों के साथ-साथ जेल अधिकारियों और कर्मचारियों का भी मन मोह लिया।
जेल प्रशासन का संदेश एवं प्रसाद वितरण
जेल उप अधीक्षक मांगीलाल पटेल ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार जेल में बंदियों के बीच सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से जन्माष्टमी का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों से मनाया गया है।
कार्यक्रम के सफल समापन पर उपस्थित सभी लोगों और बंदियों को महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान जेल उप अधीक्षक मांगीलाल पटेल ने जेल प्रशासन की ओर से दमोह जिलेवासियों सहित समस्त देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

संवाददाता सोनू अठया स्वराज वाणी दमोह मध्य प्रदेश
