Damoh Sandipani School: सांदीपनि विद्यालय के निर्माण में मिलीं कई कमियां, कलेक्टर ने जताई नाराजगी
फर्श, टाइल्स, प्लास्टर, फिटिंग और जल निकासी के कार्य में सुधार के निर्देश; दिसंबर तक भवन पूरा कर हैंडओवर करने का लक्ष्य
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ
दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सेवा संकल्प अभियान एवं जन विश्वास अभियान के तहत क्षेत्र भ्रमण के दौरान निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण में भवन के कई हिस्सों में निर्माण संबंधी कमियां सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं को तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रकल्प है। इसलिए इसके निर्माण में गुणवत्ता, सुरक्षा और निर्धारित तकनीकी मापदंडों के पालन में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को दिसंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण कर भवन संबंधित विभाग को सौंपने के निर्देश दिए।
टाइल्स और जल निकासी में मिलीं कमियां
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय भवन में बनाए जा रहे फर्श, लगाई गई टाइल्स, रेलिंग, जॉइंट, प्लास्टर, विद्युत फिटिंग और सीलिंग सहित विभिन्न कार्यों की जांच की। कुछ स्थानों पर टाइल्स के नीचे मसाले का भराव और जुड़ाव कार्य संतोषजनक नहीं मिला।
इसी तरह बाथरूम में पानी निकासी के लिए बनाई गई नाली के ढाल, दीवारों के जुड़ाव और पत्थरों की फिटिंग में भी कमियां पाई गईं। कलेक्टर ने संबंधित कार्यपालन यंत्री और अभियंताओं को इन सभी कमियों को तत्काल दूर कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य एसओपी और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार ही कराया जाए।
निर्माण स्थल पर नियमित मौजूद रहें इंजीनियर
कलेक्टर यादव ने कार्यपालन यंत्री और सब-इंजीनियर की निर्माण स्थल पर नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण के प्रत्येक चरण की तकनीकी निगरानी जरूरी है। अधिकारी नियमित रूप से मौके पर उपस्थित रहेंगे तो कमियों की पहचान समय रहते की जा सकेगी और उन्हें तत्काल ठीक कराया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि निर्माण की शुरुआत में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो बाद में सुधार की गुंजाइश कम हो जाती है। इससे भवन की मजबूती और उपयोगिता भी प्रभावित हो सकती है। कलेक्टर ने निर्माण सामग्री की नियमित गुणवत्ता जांच कराने और निर्माण स्थल से संबंधित प्रयोगशाला का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी
कलेक्टर ने विद्यालय भवन के निर्माण में हो रही देरी को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की मंशा थी कि क्षेत्र के बच्चों को इसी शैक्षणिक सत्र से बेहतर परिसर और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिल सके, लेकिन निर्माण कार्य में विलंब के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यालय भवन का निर्माण दिसंबर तक हर हाल में पूरा कर संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाए। इससे नए शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले भवन उपलब्ध कराया जा सकेगा और विद्यार्थी नए परिसर में अध्ययन कर सकेंगे।
मजदूरों से ली मजदूरी भुगतान की जानकारी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों से भी बातचीत की। उन्होंने श्रमिकों से प्रतिदिन काम के घंटे, मजदूरी की दर और भुगतान की स्थिति के बारे में जानकारी ली। निर्धारित कलेक्टर दर से कम मजदूरी दिए जाने की जानकारी सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि मजदूरों की बकाया राशि की जांच कर नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में लगे प्रत्येक श्रमिक को निर्धारित दर के अनुसार समय पर मजदूरी मिलनी चाहिए। श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी होने पर संबंधित लोगों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
क्षेत्रवासी भी निर्माण कार्यों पर रखें नजर
कलेक्टर यादव ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के प्रति जागरूक रहें। यदि किसी निर्माण कार्य में घटिया सामग्री, तकनीकी कमी या अन्य लापरवाही दिखाई देती है तो समय रहते प्रशासन को इसकी सूचना दें। इससे संबंधित कार्य की तत्काल जांच कर सुधार कराया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और सुविधायुक्त विद्यालय परिसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। सांदीपनि विद्यालय के निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराने के साथ गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी।
बाल श्रम दिखे तो इन नंबरों पर दें सूचना
इस दौरान श्रम पदाधिकारी ने बताया कि जिले में किसी भी प्रतिष्ठान, निर्माण स्थल या अन्य नियोजन में बाल श्रमिक पाए जाने पर नागरिक तत्काल इसकी सूचना दे सकते हैं। बाल श्रम से संबंधित शिकायत सीएम हेल्पलाइन नंबर 181, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 18005991480, संबंधित पुलिस थाने अथवा श्रम पदाधिकारी को दी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि बाल श्रम की शिकायत या सूचना मिलने पर जांच की जाएगी। मामला सही पाए जाने पर संबंधित नियोजक के विरुद्ध निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
