आसारेटा पंवार दुग्ध सहकारी समिति के समारोह में किसानों, उपभोक्ताओं और मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
संवाददाता :मनोज कुमार पुष्पद
पड़ाना। भोपाल दुग्ध संघ से संबद्ध पचोर केंद्र की आसारेटा पंवार दुग्ध सहकारी समिति द्वारा मंगलवार को भव्य सम्मान एवं बोनस उपहार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दुग्ध उत्पादक किसानों, नियमित उपभोक्ताओं तथा मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। समारोह में आसारेटा पंवार, अकड़ी आटा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। किसानों और उपभोक्ताओं को बोनस के रूप में उपयोगी उपहार प्रदान किए गए, जिससे समारोह में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
गौ-पूजन और पौधारोपण से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत गौ-पूजन, पौधारोपण तथा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने जिला नोडल अधिकारी कृपाल सिंह, दुग्ध संघ के पूर्व संचालक कमाल सिंह गाधला, प्रबंधक अभिषेक कनारिया, समिति अध्यक्ष नंदकिशोर परमार, मार्ग पर्यवेक्षक चंद्र सिंह राजपूत सहित सभी अतिथियों का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया।
किसानों और उपभोक्ताओं को मिले उपयोगी उपहार
समारोह में लगभग 300 दुग्ध उत्पादक किसानों तथा 175 नियमित उपभोक्ताओं को बोनस के रूप में टिफिन सेट, चाय थर्मस, पानी की बोतल, दूध टिफिन सहित अन्य उपयोगी सामग्री भेंट की गई। उपहार प्राप्त कर किसानों और उपभोक्ताओं ने समिति के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीणों को सहकारिता से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सहकारिता से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने किसानों से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, उन्नत नस्ल के पशुओं का पालन करने, समय पर टीकाकरण कराने, कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का लाभ लेने और स्वच्छ दूध उत्पादन अपनाने की अपील की।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि दुग्ध उत्पादक और उपभोक्ता दोनों सहकारी व्यवस्था की सफलता के समान भागीदार हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से ही समितियां लगातार विकास कर रही हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
मेधावी विद्यार्थियों का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि गांव के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का सम्मान रहा। समिति ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षा को समाज की प्रगति का आधार बताया।
उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादकों को मिला विशेष सम्मान
समिति ने वर्षभर में सर्वाधिक दूध आपूर्ति करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किसानों को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने कहा कि ऐसे सम्मान से किसानों का मनोबल बढ़ता है और वे बेहतर गुणवत्ता के साथ अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित होते हैं।
दुग्ध संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि
समिति के सचिव कैलाश नारायण पालीवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में समिति ने लाखों रुपये मूल्य का दूध संकलित किया है। किसानों के सहयोग और बढ़ते दुग्ध संग्रह के कारण समिति क्षेत्र की एक आदर्श दुग्ध सहकारी संस्था के रूप में अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि समिति हर वर्ष किसानों को बोनस और प्रोत्साहन राशि देकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है।
वैज्ञानिक पशुपालन पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान पशुपालकों को भायरा योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से पशुओं की नस्ल सुधार, संतुलित आहार, स्वास्थ्य प्रबंधन और आधुनिक पशुपालन पद्धतियां अपनाने पर जोर दिया, ताकि दूध उत्पादन में और वृद्धि हो सके।
बड़ी संख्या में पहुंचे किसान और ग्रामीण
कार्यक्रम का संचालन मार्ग पर्यवेक्षक सुरेश ढंगी ने किया। समारोह में पप्पू परमार, नंदलाल परमार, ओमप्रकाश परमार, हेमसिंह राजपूत, जीतमाल परमार, कैलाश नारायण परमार, सुभाष गिरी, धर्मेंद्र परमार, आनंद दरबार, भिलाला सहित दुग्ध संघ के पदाधिकारी, समिति सदस्य एवं बड़ी संख्या में पशुपालक किसान उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में सहकारिता, कृषि और ग्रामीण विकास को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया तथा किसानों को भविष्य में भी दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
