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मुख्य सचिव Anurag Jain ने कलेक्टर और अफसरों को दी सख्त चेतावनी, अवैध खनन और जनसेवा में कमी पर जताई नाराजगी

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Published On: 22 January 2026
मुख्य सचिव Anurag Jain
— MP News: CS अनुराग जैन ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में अफसरों को फटकार, बेहतर काम करने वालों की सराहना

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मुख्य सचिव Anurag Jain जैन ने कलेक्टर और अफसरों को दी सख्त चेतावनी, अवैध खनन और जनसेवा में कमी पर जताई नाराजगी

मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव Anurag Jain जैन ने हाल ही में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में कलेक्टरों, संभागायुक्तों, डीआइजी, पुलिस कमिश्नरों और एसपी सहित उच्च अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी तरह का अवैध काम या अवैध खनन सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जनता के काम अटकेंगे या जनता को समय पर सेवाएं नहीं मिलेंगी, तो इसका परिणाम ठीक नहीं होगा।

कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की वर्चुअल समीक्षा बैठक में Anurag Jain ने जिलेवार कामकाज और लक्ष्यों की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से पिछड़े जिलों में अफसरों के कामकाज पर आपत्ति जताई और उन जिलों के कलेक्टरों को चेतावनी दी, जहां जनता के काम अटके हुए हैं। वहीं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और अफसरों की पीठ थपथपाई गई।

सख्त चेतावनी और अवैध खनन पर जोर

मुख्य सचिव Anurag Jain ने कहा कि जिलों में अवैध खनन नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन को अवैध खनन पर कार्रवाई में पूरी गंभीरता दिखानी होगी। उन्होंने भिंड जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कई नवजातों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया जा रहा है, जबकि स्थानीय अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।

Anurag Jain ने भिंड के कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए कि नवजातों और माताओं के लिए उचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा, “मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने में जिले में बेहतर काम होना चाहिए। जनता के काम अटकने या विलंब होने से किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।”

मुख्य सचिव Anurag Jain
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर और अफसरों को दी चेतावनी, अवैध खनन और जनता के काम में कमी बर्दाश्त नहीं

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निरीक्षण

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि कुछ जिलों में सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का निपटारा सही ढंग से नहीं हो रहा है। उन्होंने कलेक्टरों को चेताया कि समय पर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ अफसरों के काम से मुख्यमंत्री नाराज हैं, और अगर सुधार नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे।

जिलेवार परफॉर्मेंस की समीक्षा

Anurag Jain ने जिलेवार प्रदर्शन की भी समीक्षा की। बैठक में कई महत्वपूर्ण सूचकांक और मामलों पर चर्चा की गई, जिनमें सड़क सुरक्षा, एसटी-एससी मामलों में मुआवजा, नामांतरण और सीमांकन प्रकरण, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु गुणवत्ता प्रोग्राम और नर्मदा परिक्रमा पथ सीवरेज योजना शामिल हैं।

1. एसटी-एससी मामलों में मुआवजा:
  • सबसे बेहतर: जबलपुर, सीहोर, राजगढ़
  • सबसे पिछड़े: विदिशा, मऊगंज, भोपाल शहरी
2. सड़क हादसों में कमी लाने के प्रयास:
  • सबसे बेहतर: बैतूल, रतलाम, आगर-मालवा
  • सबसे पिछड़े: गुना, डिंडौरी, मैहर, मुरैना, श्योपुर, सीधी, अनूपपुर, दमोह, इंदौर, विदिशा, टीकमगढ़
3. नामांतरण प्रकरण:
  • सबसे बेहतर: दतिया, हरदा, बड़वानी, बालाघाट, खंडवा
  • सबसे पिछड़े: दमोह, सीधी
4. बंटवारा प्रकरण:
  • सबसे बेहतर: बड़वानी, मंडला
  • सबसे पिछड़े: टीकमगढ़, सीधी
5. सीमांकन प्रकरण:
  • सबसे बेहतर: मंडला, छतरपुर, अशोकनगर
  • सबसे पिछड़े: मैहर, सीधी
6. एक बगिया मां के नाम (भूमि अंतरण):
  • सबसे बेहतर: खंडवा, सिंगरौली
  • सबसे पिछड़े: सतना, मुरैना
7. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु गुणवत्ता प्रोग्राम:
  • सबसे बेहतर: इंदौर, देवास
  • सबसे पिछड़े: भोपाल, ग्वालियर
8. नर्मदा परिक्रमा पथ सीवरेज योजना:
  • सबसे बेहतर: अनूपपुर, नरसिंहपुर, खंडवा
  • सबसे पिछड़े: खरगोन, नर्मदापुरम

हॉस्पिटल और हेल्थ सर्विसेज पर फोकस

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया। भिंड में कई नवजातों को ग्वालियर रेफर किया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टर और एसपी से कहा कि अस्पतालों में सुविधाएं बेहतर बनें, ताकि मरीजों को बाहर रेफर न करना पड़े। यह मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

अधिकारी और अफसरों को फटकार

Anurag Jain ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिलेवार प्रदर्शन में कमी पर कलेक्टर और अफसर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में जनता के काम अटके हुए हैं, अवैध खनन हो रहा है और हेल्पलाइन शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा। इस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया और अफसरों को चेताया कि यदि सुधार नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे।

साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले अफसरों और जिलों को सराहा जाएगा और उनका हौसला बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता को समय पर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और अफसरों को इसके अनुरूप कार्य करना होगा।

मुख्य सचिव की समीक्षा का महत्व

मुख्य सचिव Anurag Jain जैन की समीक्षा बैठक में स्पष्ट संदेश यह गया कि अवैध काम, जनसेवा में लापरवाही और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अफसरों से कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और अफसरों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि पिछड़े जिलों में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

इस बैठक में यह भी तय किया गया कि 32 जिलों ने एयर एंबुलेंस सेवा का सही उपयोग नहीं किया। केवल रीवा (44 मरीज), जबलपुर (21), भोपाल (14), छतरपुर (11) और ग्वालियर (5) ने मरीजों को एयर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई।

निष्कर्ष

मुख्य सचिव Anurag Jain जैन ने स्पष्ट संदेश दिया कि मध्य प्रदेश सरकार जनता के काम को प्राथमिकता देती है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी। कलेक्टर-कमिश्नर और पुलिस अफसरों को सख्त चेतावनी दी गई कि वे अपने जिलों में जनता के काम समय पर निपटाएं, अवैध खनन को रोकें और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करें।

इस समीक्षा बैठक से राज्य के सभी अधिकारियों को यह संदेश गया कि कार्य में गंभीरता, जवाबदेही और समय पर सेवाओं का वितरण अनिवार्य है। बेहतर प्रदर्शन करने वालों की सराहना की जाएगी और पिछड़े जिलों में सुधार के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मुख्य सचिव की यह बैठक यह भी दर्शाती है कि मध्य प्रदेश सरकार न केवल विकास और कानून व्यवस्था में सक्रिय है, बल्कि नागरिकों की भलाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मामले में भी कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है।

 

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