भोपाल, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के CM Yadav ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम और प्रदेश की होनहार खिलाड़ी Kranti Gaud से किए गए वादे को पूरा कर दिखाया है। CM की इस पहल के तहत क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह की निलंबित कांस्टेबल नौकरी को बहाल कर दिया गया है।
Kranti Gaud और भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत
आईसीसी विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस जीत के बाद मध्य प्रदेश की प्रतिभाशाली खिलाड़ी Kranti Gaud को सम्मानित करने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्रांति गौड़ से वादा किया था कि उनके पिता की निलंबित नौकरी को बहाल किया जाएगा।
अब, नियमों और आवश्यक प्रक्रियाओं के तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने मुन्ना सिंह को पुनः सेवा में बहाल किया है। इस फैसले से न केवल परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिली है बल्कि सामाजिक सम्मान भी वापस लौटा है।
मुन्ना सिंह क्यों थे निलंबित?
क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल थे। वर्ष 2012 में चुनाव के दौरान उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद यह मामला 13 वर्षों तक लंबित रहा। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और सकारात्मक समाधान के तहत मुन्ना सिंह की नौकरी बहाल की गई है।
इस फैसले से क्रांति गौड़ के परिवार को आर्थिक सहारा और सामाजिक सम्मान मिला है। इसके साथ ही क्रांति गौड़ का सपना भी पूरा हुआ कि वे अपने पिता को सम्मानपूर्वक पुलिस वर्दी में सेवा करते हुए सेवानिवृत्त होते देख सकें।
CM Yadav का वादा और उसकी पूर्ति
CM Yadav ने महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत के सम्मान समारोह के दौरान क्रांति गौड़ से वादा किया था कि उनके पिता की नौकरी बहाल की जाएगी।
डॉ. मोहन यादव ने कहा:
“जो कहा सो किया। यह वादा केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है। क्रांति गौड़ ने प्रदेश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया, इसलिए उनका परिवार भी सम्मान का हकदार है।”
CM के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने तत्काल कार्रवाई की और मुन्ना सिंह को पुनः सेवा में बहाल किया गया। इस निर्णय ने प्रदेश में किसानों, खिलाड़ियों और सामान्य नागरिकों के बीच मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को स्पष्ट संदेश दिया है।
क्रांति गौड़ का करियर और उपलब्धियां
क्रांति गौड़ मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की होनहार गेंदबाज हैं। उनके करियर की कुछ प्रमुख जानकारी इस प्रकार है:
- वनडे में प्रदर्शन:
- कुल 15 वनडे मैच खेले
- 15 पारियों में 23 विकेट हासिल
- एक बार 5 विकेट भी लिए
- इकोनॉमी: 5.79 रन प्रति ओवर
- टी20 इंटरनेशनल में प्रदर्शन:
- कुल 4 मुकाबले खेले
- 2 विकेट हासिल किए
- इकोनॉमी: 7.8
क्रांति गौड़ ने न केवल भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि मध्य प्रदेश का नाम भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है।
मुख्यमंत्री के सामाजिक संदेश
क्रांति गौड़ के पिता की नौकरी बहाली केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी और प्रतिभाओं के सम्मान का संदेश है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा:
“हमें प्रतिभाशाली नागरिकों और उनके परिवारों का सम्मान करना चाहिए। राज्य और देश के लिए गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के साथ न्याय करना हमारी प्राथमिकता है।”
यह निर्णय समानता, न्याय और खिलाड़ियों के प्रति सम्मान के मूल्य को प्रदर्शित करता है।
नतीजा और प्रभाव
मुन्ना सिंह की नौकरी बहाली से परिवार को अब आर्थिक सुरक्षा मिली है। साथ ही यह कदम प्रदेश के अन्य नागरिकों, विशेषकर खेल और प्रशासन में कार्यरत लोगों के लिए सकारात्मक उदाहरण बन गया है।
क्रांति गौड़ ने इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि अब वह अपने पिता को सम्मानपूर्वक सेवा करते हुए सेवानिवृत्त होते देख सकती हैं।
निष्कर्ष
सीएम डॉ. मोहन यादव ने साबित कर दिया कि जो वादा किया, उसे निभाना उनका मूल सिद्धांत है।Kranti Gaudकी उपलब्धियों और उनके पिता की बहाल हुई नौकरी के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रतिभाओं का सम्मान, न्याय और सामाजिक सुरक्षा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
यह पहल न केवल खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि प्रदेश के हर नागरिक के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में सक्रिय है।

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