काबरवा गौशाला में फिर उजागर हुई बदहाली, गाय की मौत से उठे गंभीर सवाल
रिपोर्ट नरेंद्र सिरवी
पहले भी सामने आ चुकी हैं अव्यवस्थाएं, ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई और स्थायी सुधार की मांग की
गंधवानी (काबरवा)। ग्राम काबरवा स्थित गौशाला में एक बार फिर व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई है। गौशाला परिसर में एक गाय मृत अवस्था में मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और गौसेवकों में नाराजगी फैल गई है। ग्रामीणों ने गौशाला संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए प्रशासन से मामले की जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि काबरवा गौशाला की बदहाली का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी गौशाला में अव्यवस्थाओं, चारे की कमी और गोवंश की मौत को लेकर सवाल उठ चुके हैं। कई बार समाचारों के माध्यम से मामला सामने आने के बाद प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं में सुधार के दावे किए गए थे, लेकिन वर्तमान हालात देखकर ग्रामीणों का कहना है कि धरातल पर अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।
गाय की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
जानकारी के अनुसार, ग्राम काबरवा स्थित गौशाला में एक गाय मृत मिली। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गौशाला की स्थिति को लेकर चिंता जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय पर गायों की उचित देखभाल की जाती, उन्हें पर्याप्त मात्रा में चारा और पानी उपलब्ध कराया जाता तथा नियमित स्वास्थ्य जांच होती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
ग्रामीणों ने बताया कि गौशाला में मौजूद अन्य गायों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कई गाय कमजोर नजर आ रही हैं और उनके लिए पर्याप्त भोजन एवं रहने की सुविधाओं की कमी दिखाई दे रही है।
चारे और शेड की व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, गौशाला में सबसे बड़ी समस्या पर्याप्त चारे और सुरक्षित स्थान की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गायों के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इसके अलावा बारिश और धूप से बचाव के लिए भी पर्याप्त टीन शेड की व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में रहने वाले गोवंश को बेहतर संरक्षण देने के लिए केवल नाम मात्र की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इसके लिए नियमित निगरानी, समय पर भोजन, साफ पानी और चिकित्सा सुविधा जरूरी है।
गौसेवकों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि गोवंश संरक्षण के लिए बनाई गई गौशालाओं में यदि मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहेगा तो ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल होगा।
पहले भी सुर्खियों में रही गौशाला
काबरवा गौशाला पहले भी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। पूर्व में प्रकाशित खबरों में भी यहां चारे की कमी और गायों की मौत जैसे मुद्दे उठाए गए थे। उस समय जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा स्थिति सुधारने का भरोसा दिलाया गया था।
लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो गई। उनका आरोप है कि नियमित निरीक्षण और निगरानी के अभाव में गौशाला की व्यवस्थाएं लगातार खराब होती जा रही हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब पहले भी समस्याएं सामने आ चुकी थीं तो समय रहते स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया।
जिला प्रशासन से जांच की मांग
गाय की मौत के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मृत गाय की मौत के कारणों का पता लगाया जाना चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने गौशाला की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि गौवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित शेड और नियमित पशु चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला केवल एक स्थान नहीं बल्कि गोवंश संरक्षण की जिम्मेदारी है, इसलिए यहां बेहतर व्यवस्था होना आवश्यक है।
सरपंच ने दी सफाई
मामले को लेकर ग्राम सरपंच ने बताया कि गाय की मौत रात के समय हुई है। उन्होंने कहा कि मृत गाय को हटाने के लिए जेसीबी की व्यवस्था की जा रही है।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल मृत गाय को हटाना समस्या का समाधान नहीं है। गौशाला में मौजूद अन्य गायों की स्थिति सुधारने के लिए भी तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर गौशाला की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस योजना तैयार करें।
लापरवाही पर कार्रवाई की मांग
गौशाला में गाय की मौत के मामले ने एक बार फिर गोवंश संरक्षण की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण बेजुबान पशुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने मांग की है कि गौशाला संचालन में पारदर्शिता लाई जाए और समय-समय पर अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अब भी बना हुआ है बड़ा सवाल
काबरवा गौशाला की स्थिति को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि पहले से सामने आ रही समस्याओं के बावजूद स्थायी सुधार क्यों नहीं किए गए। यदि समय रहते व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाता तो शायद गाय की मौत जैसी घटना को रोका जा सकता था।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार मामले को गंभीरता से लेते हुए गौशाला की व्यवस्थाओं में वास्तविक सुधार किया जाएगा और गोवंश को बेहतर संरक्षण मिल सकेगा।
