26 दुकानों के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस का थाना घेराव, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
उन्हेल। न्यू बस स्टैंड स्थित मदन मोहन मंदिर की जमीन पर कथित रूप से बिना प्रशासनिक अनुमति 26 दुकानों के निर्माण और अनुमति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं विधायक महेश परमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मंगलवार को उन्हेल थाना परिसर का घेराव करेंगे। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रशासन को कार्रवाई के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिए जाने के बावजूद 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 4 अगस्त को पुराने बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस पूरे मामले की ओर आकर्षित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान न्यू बस स्टैंड पर बनाई जा रही 26 दुकानों के निर्माण को लेकर अनुमति प्रक्रिया में कथित धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। कांग्रेस पदाधिकारियों ने मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को 10 दिन का समय दिया था।
अल्टीमेटम के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मुताबिक निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस का आरोप है कि दुकानों के निर्माण से जुड़े ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि किसी निर्माण कार्य में नियमों और अनुमति प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। इसी मांग को लेकर अब कांग्रेस ने थाना घेराव का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
मंदिर की जमीन पर निर्माण का आरोप
विवाद का मुख्य केंद्र मदन मोहन मंदिर की जमीन बताई जा रही है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में मंदिर की जमीन पर बिना आवश्यक प्रशासनिक अनुमति के 26 दुकानों का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही निर्माण से संबंधित अनुमति प्रक्रिया में भी कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाए। निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेज, अनुमति प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के बाद यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
हालांकि, लगाए गए आरोपों पर संबंधित ठेकेदार या प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
4 अगस्त को हुआ था प्रदर्शन
कांग्रेस की ओर से बताया गया कि 4 अगस्त को पुराने बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने 26 दुकानों के निर्माण को लेकर सवाल उठाए थे। प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन से निर्माण की अनुमति और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई थी।
कांग्रेस नेताओं ने उस समय प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। कांग्रेस के अनुसार अब अल्टीमेटम की अवधि बीतने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते थाना घेराव का फैसला लिया गया है।
मंगलवार को थाना परिसर में जुटेंगे कार्यकर्ता
कांग्रेस के प्रस्तावित थाना घेराव को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विधायक महेश परमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के थाना परिसर पहुंचने की बात कही गई है। इस दौरान पुलिस और प्रशासन से मामले में ठोस कार्रवाई करने की मांग रखी जाएगी।
थाना घेराव के दौरान कांग्रेस की ओर से किन बिंदुओं पर जोर दिया जाता है और पुलिस-प्रशासन की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ मामले में लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच का विषय भी महत्वपूर्ण रहेगा।
राजनीतिक रूप ले चुका है मामला
26 दुकानों के निर्माण से जुड़ा विवाद अब स्थानीय स्तर पर राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस लगातार मामले की जांच और कार्रवाई की मांग कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मंदिर की जमीन से जुड़े मामले में किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, प्रशासन और पुलिस की ओर से पूरे मामले की स्थिति तथा अब तक की गई कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल कांग्रेस के थाना घेराव के ऐलान से उन्हेल में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
मंगलवार को होने वाले प्रदर्शन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन मामले में जांच की दिशा क्या तय करता है और कांग्रेस की मांगों पर किस तरह की कार्रवाई होती है। 26 दुकानों के निर्माण, जमीन के उपयोग और अनुमति प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से सामने आ सकेगा।
