MLA Veer Singh Bhuria ने विधानसभा में खाद संकट का मुद्दा उठाया, कृषि मंत्री के जवाब पर जताई नाराजगी
संवाददाता: मनीष कुमट
मेघनगर। थांदला विधानसभा क्षेत्र के MLA Veer Singh Bhuria ने किसानों को खाद की समस्या को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। विधायक ने विधानसभा में किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने और बाजार से अधिक कीमत पर खाद खरीदने की मजबूरी का मुद्दा उठाया था। इस मामले में कृषि मंत्री द्वारा दिए गए जवाब पर विधायक भूरिया ने असंतोष जताते हुए सरकार पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
विधायक वीर सिंह भूरिया ने बताया कि पिछले विधानसभा सत्र में उन्होंने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से मांग की थी कि सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा था कि कई क्षेत्रों में किसानों को समितियों से खाद नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदना पड़ रहा है।
कृषि मंत्री के जवाब पर विधायक ने उठाए सवाल
20 जुलाई 2026 को विधानसभा सत्र के दौरान कृषि मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि सहकारी समितियों के गोदामों तक कंपनियों द्वारा खाद पहुंचाई जा रही है। साथ ही किसानों के लिए ई-टोकन व्यवस्था शुरू की गई है, जिसके माध्यम से खाद प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है।
कृषि मंत्री के इस जवाब पर विधायक वीर सिंह भूरिया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार और मंत्री वास्तविक स्थिति से अलग जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ई-टोकन व्यवस्था पर सवाल
विधायक भूरिया ने कहा कि सरकार द्वारा ई-टोकन व्यवस्था की बात कही जा रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर इंटरनेट सुविधा की कमी है। इसके अलावा कई किसानों को टोकन जनरेट करने वाले सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इन परेशानियों के कारण किसान समय पर खाद नहीं ले पा रहे हैं और मजबूरी में निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले किसानों के मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने खाद संकट, फसलों के उचित दाम, ई-टोकन व्यवस्था में आ रही परेशानियों और किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान लंबे समय से समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों के समाधान के लिए गंभीर कदम नहीं उठा रही है।
किसानों के मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को विधानसभा से लेकर सड़क तक व्यापक रूप दिया जाएगा।
विधायक वीर सिंह भूरिया ने कहा कि कांग्रेस हमेशा किसानों के हितों की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार किसानों को राहत देने के बजाय नई समस्याओं में उलझा रही है, जिससे खेती करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग
विधायक भूरिया ने सरकार से मांग की है कि किसानों से जुड़े सभी लंबित मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि खाद, बीज, फसलों के उचित मूल्य और कृषि से जुड़ी समस्याओं पर सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को और तेज करेगी।
उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई विधानसभा से लेकर सड़क तक मजबूती के साथ जारी रखी जाएगी।
यह जानकारी विधायक मीडिया प्रतिनिधि अली असगर बोहरा द्वारा जारी की गई।
