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Congress में बढ़ी अंदरूनी कलह: इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण समारोह से 16 में से सिर्फ 4 पार्षद रहे मौजूद

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Published On: 30 June 2026
Congress में बढ़ी अंदरूनी कलह: इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण समारोह से 16 में से सिर्फ 4 पार्षद रहे मौजूद

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Congress में बढ़ी अंदरूनी कलह: इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण समारोह से 16 में से सिर्फ 4 पार्षद रहे मौजूद

इंदौर कांग्रेस में फिर सामने आई गुटबाजी

इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान Congress की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस के 16 पार्षदों में से केवल चार ही पार्षद शामिल हुए। इतनी कम उपस्थिति ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों और संगठनात्मक असंतोष को सार्वजनिक कर दिया। राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस की आंतरिक एकजुटता पर बड़ा सवाल माना जा रहा है।

नगर निगम परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने औपचारिक रूप से पदभार संभाला। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, लेकिन अधिकांश कांग्रेस पार्षदों की अनुपस्थिति पूरे आयोजन का सबसे चर्चित विषय बन गई।

नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल

कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने वाले पार्षदों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष के चयन की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। उनका आरोप है कि नियुक्ति से पहले पार्षदों से न तो कोई राय ली गई और न ही संभावित नामों पर चर्चा की गई। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने सीधे नियुक्ति पत्र जारी कर दिया, जिसकी जानकारी कई पार्षदों को बाद में मिली।

नाराज पार्षदों का मानना है कि नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण सदन में नेता प्रतिपक्ष का चयन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए था। उनका कहना है कि यदि सभी पार्षदों की राय ली जाती तो संगठन के भीतर असंतोष की स्थिति पैदा नहीं होती।

केवल चार पार्षदों की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय

नगर निगम में कांग्रेस के कुल 16 पार्षद हैं, लेकिन पदभार ग्रहण समारोह में केवल सोनिला मिमरोट, चिंटू चौकसे और दो अन्य पार्षद ही उपस्थित रहे। बाकी पार्षदों की गैरमौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद अभी समाप्त नहीं हुए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी नेता के पदभार ग्रहण समारोह में इतनी कम उपस्थिति संगठनात्मक कमजोरी का संकेत देती है। इससे विपक्ष के रूप में कांग्रेस की प्रभावी भूमिका पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।

कार्यक्रम में कौन-कौन रहे मौजूद

पदभार ग्रहण समारोह में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के अलावा महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया, जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े, राजेश चौकसे, राजू भदौरिया सहित पार्टी के कुछ अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। हालांकि बड़ी संख्या में पार्षदों की अनुपस्थिति पूरे आयोजन पर भारी पड़ती दिखाई दी।

जनता के मुद्दे उठाने का किया वादा

पदभार संभालने के बाद नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने कहा कि नगर निगम में कांग्रेस जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की कई सड़कें खराब स्थिति में हैं और कई इलाकों में जल संकट बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व केवल विरोध करना नहीं बल्कि जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सदन तक पहुंचाना भी है। कांग्रेस इन मुद्दों को प्राथमिकता के साथ नगर निगम परिषद की बैठकों में उठाएगी।

भाई बादशाह मिमरोट को मिली जमानत

इसी बीच सोनिला मिमरोट के भाई बादशाह मिमरोट को सोमवार को एसीपी कोर्ट से जमानत मिल गई। पंढरीनाथ पुलिस ने उन्हें रविवार देर रात गिरफ्तार किया था। हालांकि सोमवार को नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में वह शामिल नहीं हो सके।

बताया गया कि हाल ही में कांग्रेस नेताओं के एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और अन्य आरोपों से जुड़े मामले में उन्हें भी आरोपी बनाया गया था। जमानत मिलने के बाद इस मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।

निगमायुक्त ने किया शहर के विकास कार्यों का निरीक्षण

सोमवार को नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने शहर के विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने सबसे पहले मेघदूत उपवन पहुंचकर वर्षाकाल में होने वाले पौधारोपण की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को समय पर गड्ढे तैयार करने और पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालय में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित दारोगा को फटकार लगाई गई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

ग्रीन बेल्ट और मास्टर प्लान सड़क का निरीक्षण

निगमायुक्त ने नरवल क्षेत्र स्थित ग्रीन बेल्ट का भी निरीक्षण किया। यहां पौधारोपण के लिए तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से पौधों की संख्या, प्रजातियों और रखरखाव की विस्तृत जानकारी ली।

इसके बाद उन्होंने एडवांस एकेडमी से निपानिया तक निर्माणाधीन मास्टर प्लान सड़क का निरीक्षण किया। संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय सीमा में परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए ताकि नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा जल्द मिल सके।

Congress के सामने संगठनात्मक चुनौती

नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में कम उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस के सामने केवल सत्ता पक्ष का मुकाबला करना ही चुनौती नहीं है, बल्कि संगठन के भीतर समन्वय और एकजुटता बनाए रखना भी बड़ी जिम्मेदारी है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि पार्टी आंतरिक मतभेदों को समय रहते दूर नहीं करती है तो नगर निगम में विपक्ष की भूमिका कमजोर पड़ सकती है। दूसरी ओर यदि नेतृत्व सभी पार्षदों को साथ लेकर चलता है तो संगठन फिर से मजबूत स्थिति में आ सकता है।

निष्कर्ष

इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण का कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, लेकिन कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान ने पूरे आयोजन का केंद्र बदल दिया। अधिकांश पार्षदों की अनुपस्थिति ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं सोनिला मिमरोट ने जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने का भरोसा दिलाया है। अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस अपने आंतरिक मतभेदों को दूर कर नगर निगम में प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभा पाती है या नहीं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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