कलेक्टर Dr. Yogesh Bharsat की सख्ती से नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, दो मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त
एनकोर्ड (NCORD) एवं जिला स्तरीय नशामुक्ति समिति की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, स्कूलों के आसपास बनेगा ‘ड्रग-फ्री जोन
झाबुआ | प्रतिनिधि – मनीष कुमट
जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में झाबुआ जिला प्रशासन ने सख्त और प्रभावी कदम उठाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला नशामुक्ति समिति के अध्यक्ष Dr. Yogesh Bharsat की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित एनकोर्ड (NCORD) एवं जिला स्तरीय नशामुक्ति समिति की समीक्षा बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के स्पष्ट संकेत दिए गए। बैठक में नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों को जन-जागरूकता एवं प्रभावी प्रवर्तन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई, दो मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त
बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जिले में की गई जांच के दौरान कुछ मेडिकल स्टोर्स पर Schedule H/NRx श्रेणी की प्रिस्क्रिप्शन दवाएं Diazepam Injection IP एवं Misoprostol Tablets IP 200 mcg बिना आवश्यक अभिलेखों के पाई गईं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने दो मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त तथा दो मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए। कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई को जिले में नशे के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है।
संवेदनशील दवाओं की बिक्री पर रहेगी कड़ी नजर
कलेक्टर डॉ. भरसट ने निर्देश दिए कि एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत आने वाली शेड्यूल-एक्स दवाइयों, कफ सिरप एवं अवसाद संबंधी दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखा जाए। प्रत्येक विक्रय के लिए बिल, चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन, डॉक्टर का पंजीयन क्रमांक तथा दवा लेने वाले व्यक्ति का पूरा विवरण संधारित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालयों के आसपास बनेगा ‘ड्रग-फ्री जोन
बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के आसपास 100 मीटर क्षेत्र को येलो लाइन से चिन्हित कर उसे ड्रग-फ्री जोन’ बनाने के निर्देश दिए। इस क्षेत्र में तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नशे की लत से बचाने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है।
जनभागीदारी से ही बनेगा नशामुक्त जिला
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। सभी विभागों के समन्वित प्रयास, जन-जागरूकता और कानून के प्रभावी पालन से ही जिले को नशामुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने अभियान को और अधिक गति देने तथा प्रत्येक स्तर पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार, वनमंडलाधिकारी भरत सोलंकी, सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी एवं जिला नशामुक्ति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
