कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे छात्रावास निरीक्षण के दौरान आमला के बोरदेही स्थित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय सीनियर बालक छात्रावास पहुंचे। विद्यार्थियों से संवाद किया, बच्चों के साथ भोजन किया और छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पढ़ें पूरी खबर।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे छात्रावास निरीक्षण: बच्चों के साथ भोजन कर परखी व्यवस्थाएं, विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद कर जाना हाल, दिए 10 अहम निर्देश
रिपोर्ट: जयंत गोहे, ब्यूरो चीफ बैतूल
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे छात्रावास निरीक्षण
आमला (बैतूल)। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने शुक्रवार को आमला विकासखंड के बोरदेही स्थित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय सीनियर बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन व्यवस्था, विद्यार्थियों की पढ़ाई तथा रहने की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रावास में अध्ययनरत विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।
विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे सीधे विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और उनसे आत्मीय संवाद किया।उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा—
- पढ़ाई कैसी चल रही है?
- छात्रावास में कोई समस्या तो नहीं है?
- भोजन की गुणवत्ता कैसी है?
- पानी, बिजली और साफ-सफाई की क्या स्थिति है?
- शिक्षकों एवं वार्डन का व्यवहार कैसा है?
विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी बातें रखीं तथा छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर ने विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा आवश्यक कार्यवाही का भरोसा दिलाया।
बच्चों के साथ बैठकर किया भोजन
निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब रहा जब कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे स्वयं विद्यार्थियों के साथ भोजन करने बैठ गए।उन्होंने छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच की तथा भोजन की स्वच्छता और पोषण स्तर का भी अवलोकन किया।कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
छात्रावास की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।उन्होंने देखा—
- छात्रावास के कमरे
- रसोईघर
- भोजन कक्ष
- शौचालय
- स्नानघर
- पेयजल व्यवस्था
- बिजली व्यवस्था
- साफ-सफाई
- सुरक्षा व्यवस्था
- छात्रावास परिसर
उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी कमियां दिखाई दें उन्हें तत्काल दूर किया जाए।
अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि—
- छात्रावास हमेशा साफ-सुथरा रखा जाए।
- विद्यार्थियों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया जाए।
- गुणवत्तापूर्ण भोजन दिया जाए।
- छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे।
- नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
- स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
- बिजली एवं अन्य सुविधाएं निर्बाध रहें।
- विद्यार्थियों की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए।
- नियमित निरीक्षण किए जाएं।
- किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कहा कि छात्रावास केवल रहने की व्यवस्था नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है।उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों को अच्छा वातावरण, सुरक्षित परिसर, पौष्टिक भोजन और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा तो वे भविष्य में बेहतर नागरिक बन सकेंगे।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को परिवार जैसा वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
विद्यार्थियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करते हुए उनकी समस्याओं को समझा।उन्होंने यह भी पूछा कि—
- पढ़ाई में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं है।
- छात्रावास में रहने में कोई परेशानी तो नहीं आती।
- भोजन समय पर मिलता है या नहीं।
- खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों की व्यवस्था कैसी है।
विद्यार्थियों द्वारा दिए गए सुझावों को अधिकारियों को अमल में लाने के निर्देश भी दिए गए।
स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास परिसर की साफ-सफाई का भी अवलोकन किया।उन्होंने कहा कि—
- स्वच्छ वातावरण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
- नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
- शौचालयों की सफाई प्रतिदिन हो।
- परिसर में किसी प्रकार की गंदगी नहीं होनी चाहिए।
- सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रखी जाए।
एसडीएम सहित अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर एसडीएम श्री शैलेंद्र बडोनिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।अधिकारियों ने कलेक्टर को छात्रावास की व्यवस्थाओं एवं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी भी दी।
प्रशासन का उद्देश्य
जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक छात्रावास में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन तथा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।इसी उद्देश्य से समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
निष्कर्ष
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे का यह निरीक्षण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा। बच्चों के साथ बैठकर भोजन करना, उनकी समस्याएं सुनना तथा व्यवस्थाओं की स्वयं समीक्षा करना प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाता है।निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से उम्मीद की जा रही है कि छात्रावास की व्यवस्थाएं और अधिक बेहतर होंगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

