कोल पेंशनरों ने पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन, जनवरी में दिल्ली में आंदोलन की चेतावनी
दिसंबर तक समाधान नहीं हुआ तो जनवरी 2027 में दिल्ली में करेंगे आंदोलन
रिपोर्ट: राकेश सिंह
बैतूल। सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारियों की पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान और पेंशन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर कोल माइन्स सेवा निवृत्त कर्मचारी संघ, बैतूल ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय कोयला मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने मांगों का दिसंबर 2026 तक समाधान करने की मांग की है। समाधान नहीं होने पर जनवरी 2027 में दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है।
संघ पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि कोल माइन्स पेंशन स्कीम के अंतर्गत प्रत्येक तीन वर्ष में पेंशन पुनरीक्षण का प्रावधान है, लेकिन उनके अनुसार पिछले 28 वर्षों से पेंशन का पुनरीक्षण नहीं किया गया। इससे सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने केंद्र सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार कर लंबित पेंशन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।
लाखों पेंशनरों को कम पेंशन मिलने का दावा
ज्ञापन में संघ ने बताया कि देश में करीब 6.50 लाख सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारी हैं। इनमें से लगभग 2.50 लाख कर्मचारियों को हर महीने 1,000 रुपये से कम पेंशन मिल रही है। संघ का कहना है कि बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच इतनी कम पेंशन में गुजारा करना कठिन हो रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही अनेक कर्मचारियों की नियमित आय का प्रमुख स्रोत है, इसलिए पेंशन राशि में समयानुकूल वृद्धि जरूरी है।
संघ ने वर्तमान में मूल वेतन के 25 प्रतिशत के बराबर मिल रही पेंशन को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग रखी। इसके साथ ही पेंशन में महंगाई भत्ता जोड़ने की मांग भी की गई, ताकि महंगाई बढ़ने पर पेंशनरों को कुछ राहत मिल सके। पदाधिकारियों के अनुसार, पेंशन का पुनरीक्षण लंबे समय से लंबित है, इसलिए इसका लाभ सभी पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलना चाहिए।
बकाया पुनरीक्षण का एरियर देने की मांग
ज्ञापन में वर्ष 1998 से 2026 तक के लंबित पेंशन पुनरीक्षण का बकाया एरियर सहित एकमुश्त भुगतान करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि पुनरीक्षण में हुई देरी के कारण पेंशनरों को लंबे समय से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है। इस अवधि का बकाया तय कर भुगतान किया जाना चाहिए। संघ ने केंद्रीय कोयला मंत्री से पेंशन योजना की समीक्षा कर कर्मचारियों की मांगों पर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया।
पदाधिकारियों ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से मांगों को शासन तक पहुंचाया गया है और दिसंबर 2026 तक समाधान की अपेक्षा की गई है। यदि निर्धारित समय तक कोई निर्णय नहीं होता है, तो ऑल इंडिया कोल पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जनवरी 2027 में दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के स्वरूप को लेकर आगे राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ अध्यक्ष डी.के. साहू, महामंत्री डी.आर. झरबड़े, उपाध्यक्ष अजय सिंह राजपूत, कार्यवाहक अध्यक्ष मानिकराव कापसे और कोषाध्यक्ष नागोराव वागद्रे उपस्थित रहे। इनके साथ शिवदयाल चौकीकर, रामदास पडग्रे, आर.डी. सोनी, कुंदन लाल पवार, किशोरी लाल पवार, गुलाब राव अडलक, मानिक प्रसाद वाइकर, आत्माराम चौकीकर, मधु पवार, कृष्ण उबनारे, विजय के. वर्मा, शिवप्रसाद धारसे, भोजराज पंडाग्रे, मुन्नालाल पवार, रामभरोस पूर्व, बुधराम वायकर, दौलतराम मालवी, शंकर और बसीर खान सहित संघ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
